: कोरबा न्यायालय से बिजली चोरी के आरोपी को सजा मिली
Mon, Mar 3, 2025
बिजली चोरी के आरोपी को सजा मिली
कोरबा। माननीय विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम कोरबा श्री सत्येन्द्र कुमार साहू के द्वारा विद्युत चोरी के आरोपी पंकज मोदी निवासी ढोढीपारा भैसखटाल कोरबा जिला कोरबा छ.ग. को विद्युत चोरी के प्रकरण में धारा 135 विद्युत अधिनियम के तहत 65,000/- रु अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं तथा राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 4 माह के कारावास की सजा एवं धारा 138 विद्युत अधिनियम के तहत 5,000/-रु के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं तथा राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 1 माह के कारावास की सजा का आदेश दिया गया है।
प्रकरण का सक्षिप्त विवरण इस प्रकार हैं कि आरोपी पंकज मोदी निवासी ढोढीपारा भैसखटाल कोरबा जिला कोरबा छ.ग. के द्वारा दिनांक 07/08/2019 को अपने निवास गृह ढोढीपारा भैसखटाल कोरबा में लगे विद्युत कनेक्शन सर्विस क 1005028253 में इनकमिंग कर, बाई पास कर के 54772/-रु मूल्य की विद्युत उर्जा की चोरी कर उपयोग किया जा रहा था इस मामले में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी लि. की ओर से अपने अधिकृत अधिवक्ता दीपक बजाज के माध्यम से आरोपी पंकज मोदी के विरुद्ध माननीय विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम कोरबा के समक्ष परिवाद पत्र प्रस्तुत कर आरोपी पंकज मोदी को दण्डित किये जाने का निवेदन किया गया उक्त प्रकरण में मानीनय विशेष न्यायाधीश विद्युत अधिनियम कोरबा श्री सत्येन्द्र कुमार साहू के द्वारा प्रकरण में दस्तावोजी प्रमाण एवं साक्ष्य प्रमाण के आधार पर आरोपी पंकज मोदी निवासी ढोढीपारा भैसखटाल कोरबा जिला कोरबा छ.ग. को विद्युत चोरी के प्रकरण में धारा 135 विद्युत अधिनियम के तहत 65,000/- रु अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं तथा राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 4 माह के कारावास की सजा एवं धारा 138 विद्युत अधिनियम के तहत 5,000/-रु के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया हैं तथा राशि जमा नहीं करने की स्थिति में 1 माह के कारावास की सजा का फैसला दिनांक 03/03/2025 को किया गया है।
उक्त प्रकरण में छत्तीसगढ राज्य विद्युत वितरण कम्पनी लि. कोरबा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक बजाज के द्वारा पैरवी की गई है।
माननीय न्यायालय किये गये उपरोक्त फैशले से बिजली चोरो के बीच हडकंप मच गया है।
3 MAR 2025
: सिविल जज भर्ती: गलत जानकारी देने पर आवेदक बर्खास्त
Sat, Mar 1, 2025
सिविल जज भर्ती: गलत जानकारी देने पर आवेदक बर्खास्त
जनहित समाचार डॉट इन
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सिविल जज वर्ग-2 भर्ती प्रक्रिया के दौरान आपराधिक प्रकरण की जानकारी छिपाना अनुचित है। विदिशा निवासी अतुल ठाकुर, जिन्होंने 2007 में मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण की थी और 2008 में सिविल जज वर्ग-2 के पद पर नियुक्त हुए थे, को बर्खास्त कर दिया गया है।
अतुल ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नियुक्ति के समय यह तथ्य छिपाया कि उनके खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज है। इस गड़बड़ी के चलते हाईकोर्ट में मामला लंबित था। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद उनके बर्खास्तगी आदेश को जारी कर दिया है।
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि नियुक्ति के दौरान दी गई सभी जानकारियाँ सत्य और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि कोई उम्मीदवार आपराधिक रिकॉर्ड छिपाता है, तो उसे नियुक्ति से वंचित किया जा सकता है।
: भोपाल में होली पर्व पर मिलावट रोकने के लिए ग्राहक संगठन ने की सख्त निगरानी की मांग
Fri, Feb 28, 2025
भोपाल में होली पर्व पर मिलावट रोकने के लिए ग्राहक संगठन ने की सख्त निगरानी की मांग
भोपाल:
होली का पर्व नजदीक आते ही बाजारों में मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है। इस दौरान मिलावटखोरी और नकली खाद्य सामग्री की आशंका को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत,
भोपाल महानगर ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेन्द्र वर्मा भोपाल को एक पत्र सौंपा है। संगठन ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सख्त कदम उठाने की मांग की है।
मांगें और सुझाव:
ग्राहक पंचायत के अध्यक्ष सुरेंद्र रघुवंशी, अश्वनी कुमार सिन्हा, रवि शर्मा द्वारा द्वारा दिए गए इस पत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग से निम्नलिखित मांगें की गई हैं—
1. खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच हो: मिठाई और अन्य खाद्य विक्रेताओं पर सख्त निगरानी रखी जाए तथा गुणवत्ता जांच के लिए अलग-अलग इलाकों से सैंपल लेकर उनकी लैब टेस्टिंग कराई जाए।
2. मिलावटी मिठाइयों की बिक्री पर रोक लगे: यदि कोई विक्रेता मिलावटी, नकली या खराब मिठाइयाँ बेचता पाया जाए तो उसके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।
3. निर्माण तिथि अनिवार्य रूप से अंकित हो: सभी मिठाइयों पर मूल्य के साथ निर्माण तिथि अनिवार्य रूप से लिखी जाए, ताकि उपभोक्ताओं को ताजा मिठाई खरीदने में सुविधा हो।
4. साफ-सफाई और गुणवत्ता को लेकर दिशानिर्देश जारी किए जाएं: खाद्य विभाग मिठाई दुकानदारों के लिए स्वच्छता और गुणवत्ता से जुड़े निर्देश जारी करे और इसका सख्ती से पालन सुनिश्चित कराए।
ग्राहक संगठन की चेतावनी:
ग्राहक पंचायत ने कहा कि यदि संबंधित विभाग ने इस पर त्वरित कार्रवाई नहीं की, तो संगठन उच्च अधिकारियों को पत्र लिखने और जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर विचार करेगा।
प्रशासन की जिम्मेदारी:
गौरतलब है कि
FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के नियमों के अनुसार, मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि होली पर्व पर मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई करे और उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित मिठाइयाँ उपलब्ध कराए।
भोपालवासियों से अपील:
ग्राहक संगठन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अविश्वसनीय और संदिग्ध दुकानों से मिठाइयाँ न खरीदें और यदि कहीं मिलावट की आशंका हो तो तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को शिकायत दर्ज कराएं।
(संवाददाता, भोपाल)