: जानिये त्रिफला है क्या ? और सेवन विधि
Thu, Jun 6, 2024
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जानिये त्रिफला है क्या.?*
एक ऐसी दिव्य औषधि जिसको हम भूल गए हैं,त्रिफला के सेवन से अपने शरीर का कायाकल्प कर जीवन भर स्वस्थ रहा जा सकता है।
आयुर्वेद की महान देन त्रिफला से हमारे देश का आम व्यक्ति परिचित है व सभी ने कभी न कभी कब्ज दूर करने के लिए इसका सेवन भी जरुर किया होगा।
पर बहुत कम लोग जानते है इस त्रिफला चूर्ण जिसे आयुर्वेद रसायन भी मानता है से अपने कमजोर शरीर का कायाकल्प किया जा सकता है।
बस जरुरत है तो इसके नियमित सेवन करने की।
क्योंकि त्रिफला का वर्षों तक नियमित सेवन ही आपके शरीर का कायाकल्प कर सकता है।
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सेवन विधि -*
सुबह हाथ मुंह धोने व कुल्ला आदि करने के बाद खाली पेट ताजे पानी के साथ इसका सेवन करें तथा सेवन के बाद एक घंटे तक पानी के अलावा कुछ ना लें।
इस नियम का कठोरता से पालन करें।
यह तो हुई साधारण विधि पर आप कायाकल्प के लिए नियमित इसका इस्तेमाल कर रहे है तो इसे विभिन्न ऋतुओं के अनुसार इसके साथ गुड़, सैंधा नमक आदि विभिन्न वस्तुएं मिलाकर ले।
हमारे यहाँ वर्ष भर में छ: ऋतुएँ होती है और प्रत्येक ऋतू में दो दो मास।
*1- ग्रीष्म ऋतु -*
14 मई से 13 जुलाई तक त्रिफला को गुड़ 1/4 भाग मिलाकर सेवन करें।
*2- वर्षा ऋतु -*
14 जुलाई से 13 सितम्बर तक इस त्रिदोषनाशक चूर्ण के साथ सैंधा नमक 1/4 भाग मिलाकर सेवन करें।
*3- शरद ऋतु -*
14 सितम्बर से 13 नवम्बर तक त्रिफला के साथ देशी खांड 1/4 भाग मिलाकर सेवन करें ।
*4- हेमंत ऋतु -*
14 नवम्बर से 13 जनवरी के बीच त्रिफला के साथ सौंठ का चूर्ण 1/4 भाग मिलाकर सेवन करें।
*5- शिशिर ऋतु -*
14 जनवरी से 13 मार्च के बीच पीपल छोटी का चूर्ण 1/4 भाग मिलाकर सेवन करें।
*6- बसंत ऋतु -*
14 मार्च से 13 मई के दौरान इस के साथ शहद मिलाकर सेवन करें।
शहद उतना मिलाएं जितना मिलाने से अवलेह बन जाये।
दो तोला हरड़ बड़ी मंगावे |
तासू दुगुन बहेड़ा लावे ||
और चतुर्गुण मेरे मीता |
ले आंवला परम पुनीता ||
कूट छान या विधि खाय|
ताके रोग सर्व कट जाय ||
*त्रिफला का अनुपात:-*
*1:2:4= अर्थात...*
*1भाग (हरड़)+*
*2 भाग (बहेड़ा)+*
*4 भाग (आंवला)*
*त्रिफला लेने का सही नियम -*
सुबह अगर हम त्रिफला लेते हैं तो उसको हम "पोषक" कहते हैं।
क्योंकि सुबह त्रिफला लेने से त्रिफला शरीर को पोषण देता है जैसे शरीर में विटामिन, आयरन, कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी को पूरा करता है एक स्वस्थ व्यक्ति को सुबह त्रिफला खाना चाहिए।
*सुबह जो त्रिफला खाएं हमेशा गुड़ के साथ खाएं
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रात में जब त्रिफला लेते हैं उसे "रेचक" कहते है क्योंकि रात में त्रिफला लेने से पेट की सफाई (कब्ज इत्यादि) का निवारण होता है।*
*रात में त्रिफला हमेशा गर्म दूध के साथ लेना चाहिए |*
: आंखो की रौशनी बढ़ाने के आसान नुस्खे
Thu, Jun 6, 2024
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आँखों की रोशनी बढ़ाने के आसान से नुस्ख़े*
आँखों की रोशनी कम होने के कई लक्षण होते हैं जैसे की धुंधला दिखाई देना, सिर में दर्द रहना, दूर और पास की चीजें देखने मे तकलीफ होना। इनके वजह से चश्मे का इस्तेमाल करना पड़ता है। आगे दिए हुए उपायों को आजमाने से आंखों की रोशनी को तेज करने में मदद मिलेगी और साथ मे चस्मा भी जल्द ही हट जाएगा। चस्मा लगाना तो आज कल का फैशन बन गया है लेकिन जो लोग मजबूरी में चस्मा लगाते हैं उनके लिए तो यह जी का जंजाल ही लगता है।
जिन लोगों की आंखों की रोशनी कम हो जाती है केवल वही लोग मजबूरी में चश्मा लगाने का दर्द समझ सकते हैं। कुछ लोग चश्मे की बजाय लैंस का प्रयोग करते हैं परंतु लैंस लगाने के बाद आंखों का और अधिक ध्यान रखना पड़ता है। इसलिए हम ऐसे नुस्खे बताने जा रहे हैं जिससे न केवल आंखों की रोशनी तेज होगी बल्कि चश्मे से भी जल्द ही छुटकारा मिल जाएगा। इन नुस्खों का प्रयोग रात को सोने से पहले जरूर करें।
*आंखों की रोशनी तेज करने के नुस्खे-*
1. आंवला आँखों के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। आंवले से बने मुरब्बे का प्रतिदिन दो बार सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
2. दो बादाम, आधा चम्मच मिश्री और एक चम्मच सौंफ को पीस ले। इस मिश्रण का रोज दूध के साथ सोने से पहले जरूर सेवन करें। इससे आंखों को लाभ मिलेगा।
3. मिश्री और जीरे को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसे रोज घी के साथ एक चम्मच इस्तेमाल करें। इससे आपकी आँखों की रोशनी बढ़ेगी।
4. आंखों के लिए गन्ना और केला भी बहुत फायदेमंद होता है । गन्ने के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
5. गाय का घी हाथों में लगाकर कान में पीछे यानी कनपटी पर हल्के हाथ से मसाज करें। ऐसा करने से आँखों की रोशनी तेज होती है।
6. आँखों के लिए तांबे का पानी भी बहुत लाभकारी होता है। ऐसा करने के लिए एक लीटर पानी को तांबे के जग में भरकरप रातभर के लिए रख दे। सुबह उठकर ही इस पानी को पियें । इससे आंखों की रोशनी तेज होने में मदद मिलती है।
*7. रात को सरसों के तेल से पैर के तलवों की मालिश करके ही सोएं और सुबह घास पर नंगें पैर चलने से भी बहुत फायदा मिलता है।*
8. अंगूर को भी रोजाना खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है इसलिए अन्गूर का सेवन अवश्य करें।
9. आंखों की एक्सरसाइज करने से भी फायदा मिलता है। एक्सरसाइज के लिए अपनी आंखों को घड़ी की तरह गोल - गोल घुमाएं और फिर उल्टी दिशा में भी घुमाएं। ऐसा करने से भी आंखों की रोशनी बढ़ती थी।
10. आंखों को एक जगह पर फोकस करने से भी बहुत लाभ मिलता है। इसके लिए एक पेन लें और उसे आंखों की सीध लाये और उसे आगे पीछे करते रहें। कोशिश करे कि आंखों का फोकस पर्ण की और ही रहे। इस तरह करने से भी आंखों को फायदा मिलता है।
इन सभी नुस्खों को जरूर आजमाएं, ऐसा करने से आपकी आंखों को बहुत लाभ मिलेगा और आंखों की रोशनी तेज होने के साथ जल्द ही चश्मा भी हट जाएगा।
*नोट, जानकारी में अगर किसी प्रकार की संशय लगने पर आप उपयोग से पूर्व अन्य स्रोतों से या राष्ट्रिय प्राकृतिक चिकित्सा केन्द्र से सत्यापन जरूर करें।
: गोंद कतीरा के उपयोग से लाभ
Mon, Jun 3, 2024
गोंद कतीरा उपयोग एवम् लाभ , जो आपको पलभर में पूरी तरह से चंगा कर सकती है. हम यहां पर एक ऐसी ही चीज के बारे में आपको बता रहे हैं, जिसका नाम गोंद कतीरा है. यह एक तरह की जड़ी-बूटी होती है, जो लोकोवीड (एस्ट्रैगलस गमियर) पेड़-पौधों के रस से निकाली जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है, इसका इस्तेमाल गर्मियों में करने से बहुत लाभ मिलता है. हम यहां पर आपको गोंद कतीरा के फायदे के बारे में बता रहे हैं. साथ ही बता रहे हैं कि इसे किन पेड़ों से निकाला जाता है और इसमें कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं.
क्या है गोंद कतीरा
गोंद कतीरा पेड़ों से निकलने वाला चिपचिपा पदार्थ होता है. इसे ट्रेगेकैन्थ गम के नाम से भी जाना जाता है. ये उत्तरी भारत में आसानी से मिल जाता है. यह गोंद की तरह चिपचिपा, रंगहीन के साथ ही इसका कोई स्वाद नहीं होता है. यह पानी में बहुत आसानी से घुल जाता है. इसके शीतल और पाचन संबंधी गुणों के चलते गोंद कतीरा का इस्तेमाल आयुर्वेद में बहुत किया जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और फॉलिक एसिड जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसका सेवन करने से हृदय रोगों, श्वास संबंधी रोगों, टॉन्सिल जैसी समस्याओं में फायदा मिलता है. इसके अलावा यह और भी दूसरी समस्याओं में भी फायदा पहुंचाता है.
इन पेड़ों से निकाला जाता है गोंद कतीरा
इसे बबूल, कीकर, नीम के पेड़ से निकाला जाता है. अगर आपने गौर किया हो तो देखा होगा कि जब किसी पेड़ में हल्का कट लग जाता है, तो वहां से एक तरल पदार्थ निकलता है, जो बाद में सूखने पर कड़ा हो जाता है. वहीं, गोंद कतीरा होता है. बता दें कि इसका इस्तेमाल कब्ज दूर करने, स्तन में वृद्धि, त्वचा रोग, शीघ्रपतन जैसी समस्याओं को दूर करने में भी किया जाता है.
गोंद कतीरा के पोषक तत्व
इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, प्रोटीन, फ़ॉलिक एसिड, बी समूह के विटामिन पाए जाते हैं. इनके आलावा इसमें फाइबर भी पाया जाता है. साथ ही यह एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है. इसमें पाए जाने वाले इतने सारे पोषक तत्वों के चलते गोंद कतीरा के फायदे कई है.
गोंद कतीरा के फायदे
गर्मी के मौसम में इसका सेवन करने से शरीर को ठंडा रखा जा सकता है. इसका सेवन करने से हाथ पैरों में जलन की समस्या दूर होती है. इसके साथ ही इसका सेवन करने से शरीर को लू और हीट स्ट्रोक से भी बचे रहते हैं. वहीं, अगर आपका बहुत अधिक गर्मी महसूस कर रहे हैं तो इसका मिश्री के साथ शरबत बनाकर सुबह-शाम सेवन करनें. इससे शरीर में गर्मी कम महसूस होती है.
इसमें भरपूर मात्रा में फॉलिक एसिड और प्रोटीन पाया जाता है. इसका इस्तेमाल करने से शरीर में तुरंत ताकत आती है. इसका सेवन करने से शरीर में हो रही कमजोरी दूर होती है.
अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो आप गोंद कतीरा का सेवन कर सकते हैं. इसमें बहुत अधिक मात्रा में फाइबर पाया जाता है. इसका सेवन करने से भूख पर नियंत्रण रहता है, जिससे शरीर का वसा कम होता है. साथ ही इसका सेवन करने से मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है.
गोंद कतीरा का सेवन करने से पुरुषों में शारीरिक कमजोरी दूर होती हैं