: कफ की समस्या, तो इन 5 चीजों को खाने से करे परहेज
Wed, May 15, 2024
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अगर रहती है कफ की समस्या, तो इन 4 चीजों को खाने से करें परहेज*
1 वसायुक्त चीजें - वसायुक्त चीजों का सेवन कफ बढ़ाने का काम करती हैं इसलिए जितना हो सके इनसे बचने की कोशिश करें।
2 दूध - दूध कफ को बढ़ाता है। अगर आपकी कफ प्रकृति है तो आपको दूध का सेवन कम करना चाहिए या फिर हल्दी के साथ इसका सेवन करें।
3 मक्खन -मक्खन में वसा अधिक होता है, इसलिए यह कफ बढ़ाने का काम करता है। कफ की समस्या में मक्खन या मक्खन युक्त चीजों का सेवन न करें।
4 पनीर -पनीर से कफ तो बनता ही है, कई लोगों को पाचन संबंधी समस्या भी हो सकती है क्योंकि कुछ लोगों को पनीर आसानी से नहीं पचता। इसलिए अति सेवन न करें।
क्या खाएं -
1 सुबह या दिन के भोजन के बाद गुड़ का सेवन फायदेमंद हो सकता है। गुड़ की तासीर गर्म होती है, यह कफ को कम करने के साथ ही पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
2 तुलसी, सौंठ, अदरक और शहद जैसी चीजों का सेवन कफ को कम करने में बहुत फायदेमंद होता है, तो इन्हें किसी भी तरह से डाइट में शामिल करें।
🌹🙏 नोट, जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर आप उपयोग से पूर्व राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र या अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: गर्मियों का खान पान
Mon, May 13, 2024
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गर्मियों का खान-पान*
1-
गर्मियों में आने वाले फलों में
पानी की मात्रा काफी होती है, इसलिए इनका सेवन जरूर करें।जैसे तरबूज, खरबूज, खीरा आदि को नियमित लेने से शरीर में पानीं के साथ खनिज-लवणों की भी पूर्ति होती है।
2-
गर्मी में सामान्य खाना जैसे दाल
, चावल, सब्जी, रोटी आदि खाना ठीक रहता है। गर्मी में भूख से थोड़ा कम खाना चाहिए। इससे आपका हाजमा भी ठीक रहेगा और फुर्ती भी बनी रहेगी। इसके साथ तली हुई चीजों को ज्यादा न खाएं, यह आपका हाजमा बिगाड़ सकते हैं।
3-
गर्मियों में शरीर का
अधिकांश पानी पसीने के रूप में वाष्पीकृत हो जाता है। इसलिए दिन में कम से कम 4 लीटर पानी पिएं।
4
- गर्मी में नारियल
पानी, छाछ और लस्सी पीने से भी जल का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। गर्मी के मौसम में तली और मसालेदार चीजें खाने की इच्छा ज्यादा होती है। लेकिन इस मौसम में इन चीजों से बचा जाना ही बेहतर होता है।
5-
खाने में बहुत ज्यादा नमक न लें
। नमकीन, मूंगफली, तले हुए पापड़-चिप्स और तेल में तले हुए खाद्य पदार्थ न खाएं तो बेहतर होगा।
नोट, जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर आप अन्य स्रोतों से या राष्ट्रिय प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र से उपयोग से पूर्व सत्यापन जरूर करें।