: हंसे और हसाय, यात्रा बहुत छोटी है
Sun, May 5, 2024
हंसी तनाव को काम करती है,
हंसी के महत्व को बताने के लिए ही हर साल विश्व भर में मई महीने के पहले रविवार को विश्व हास्य दिवस के तौर पर मनाया जाता हैं। अपने किसी पुरानी हसीं वाली पल को विचारों में लाए और हसी को रोक कर दिखाए।
आज 5 मई 2024 इस साल का विश्व हंसी दिवस है, इसका विश्व हंसी दिवस के रूप में प्रथम आयोजन वर्ष 1998 को मुंबई में किया गया था।
: नेशनल एडवेंचर इंस्टिट्यूट, पचमढ़ी, मध्य प्रदेश का 495 वा एडवेंचर कैम्प
Sat, Apr 27, 2024
द भारत स्काउट एंड गाइड द्वारा मध्य प्रदेश के
पचमढ़ी में नेशनल एडवेंचर इंस्टीट्यूट संचालित हैं,
इनके द्वारा अभी तक 495 वे राष्ट्रीय एडवेंचर कैंप लगाकर देश और विदेश के लोगों को लाभान्वित किया गया है
। इस एडवेंचर इंस्टिट्यूट की प्रभारी श्रीमती बिलकिस शेख मैडम है इनके सहयोग के लिए 10 पुरुष एवम महिला प्रशिक्षित एडवेंचर ट्रेनर है। यह कैंप 7 दिवसीय होता है।
आईए जानते हैं भोपाल से कैम्प में शामिल गाईड अंशिका सिन्हा उम्र 11 वर्ष 5 माह की कलम से।
पचमढ़ी यहां पहुंचने का रास्ता निकटतम रेलवे स्टेशन पिपरिया है। जो इटारसी जंक्शन से जबलपुर की ओर 1 घंटे की यात्रा पर हैं। पिपरिया से पचमढ़ी की दूरी 56 किलो मीटर
है पचमढ़ी के लिए बस का भाड़ा 80 रूपए एवम् टैक्सी भी रहती हैं। पचमढ़ी बस स्टैंड से एडवेंचर इंस्टिट्यूट तक की दूरी 5 किलो मीटर है
इस 495 वा एडवेंचर कैम्प में शामिल गाईड के अनुभव जानते है। इस एडवेंचर कैंप में सैनिक स्कूल अंबिकापुर के 100 स्काउट गाईड और टीचर , आर्मी पब्लिक स्कूल प्रयागराज के 30 रोवर रेंजर एवं टीचर, वंदना पब्लिक स्कूल गुना 35 स्काउट, गाईड एवम टीचर, ईस्टर्न रेलवे वेस्ट बंगाल के 10 रेंजर , रोवर, टीचर, राष्ट्रपति पुरुष्कृत, मध्य प्रदेश भोपाल से एक लीडर एक गाइड, एक रेंजर।
18 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आयोजित इस कैंप के प्रतिदिन की गतिविधि इस प्रकार रही।
पहला दिन 18 अप्रैल को सभी को 2/2 किलोमीटर राजेंद्र गिरी तक पैदल जाना एवं आना।
जिसमें भारत के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद जी द्वारा 5 जून 1953 को रोपित वट वृक्ष भी देखने गए।
19 अप्रैल को दूसरा दिन के फर्स्ट हॉफ 6/6 पैदल आना एवम् पैदल जाना,
जटाशंकर (पचमढ़ी में जटाशंकर एक विशाल गुफा है जिसमें बड़ी-बड़ी चट्टानों के नीचे बना प्राकृतिक शिवलिंग आस्था की जगह है गुफा के अंदर के पत्थरों की रचना100 सर वाले देवी नाग शेष नाग से मिलती हैं। माना जाता है कि इसी जगह पर भस्मासुर से बचने के लिए शंकर जी ने खुद को छुपाया था। इस पवित्र गुफा के अस्त व्यस्त पत्थर शंकर जी के उलझे हुए बाल
की तरह दिखते हैं, इसीलिए उसका नाम जटाशंकर पड़ा है।) सेकेंड हॉफ , ऑप्टिकल एडवेंचर एक्टिविटी, जैसे कमांडो ब्रिज , लीडर कांबिंग, लॉक ब्रिज, बैलेंसिंग ब्रिज, रशियन वॉल, टायर वॉल, मंकी ब्रिज। , एवम् रात्रि कैम्प फायर।
20 अप्रैल तीसरा दिन का फर्स्ट हॉफ 7/7 किलो मीटर
पैदल,
बी फॉल आना एवम् जाना , ( जंगलों की बीच खुबसूरत पगडंडियों के रास्ते से चलकर यहाँ पहुंचना हैं , बी फॉल पचमढ़ी को पीने का पानी उपलब्ध कराता है पचमढ़ी का या सबसे सुंदर जलप्रपात जमुना प्रपात के
नाम से भी जाना जाता हैं।)
बी फॉल जगल के रास्ते में छोटा झरना जिसमें हम सभी ने पानी में पैर डाला तब पानी में मौजूद डेड सेल खाने वाली मछलियों के झुण्ड ने सभी के पैरो में गुद गुदी
कराया, सेकेंड हॉफ , राइफल शूटिंग, आर्चरी एवम् जार्बिन। और रात्रि का कैम्प फायर जो सभी का थकान मिटा देता था।
21 अप्रैल को फर्स्ट हॉफ, आफ्टीकल टू, जिप लाईन, बैली क्रॉसिंग , स्काई साइकलिंग , वोटिंग । सेकेंड हॉफ,
पाण्डव गुफा 5/5 किलो मीटर पैदल आना एवम् जाना (निचली पहाड़ियों में चूने के पत्थर से बने पांच आवास स्थान गुफाएं खोज कर निकाले गए हैं पचमढ़ी का नाम इन गुफाओं से ही रखा गया हैं, माना जाता हैं इन ने कभी
पांचों पांडवों को अभय स्थान दिया था। अब ये गुफाएं संरक्षित स्मारक बनी हुई हैं। रात्रि कैम्प फायर।
22अप्रैल को फर्स्ट हॉफ 8
/8 किलोमीटर पैदल यात्रा आना एवम् जाना , रिच
गढ़,
मधुमक्खियां को मंडराने के लिए यह पसंदीदा जगह है रिच गढ़ चट्टानों से बना प्राकृतिक एंप्फी थियेटर हैं, जिसका दक्षिण की तरफ गुफा की तरह प्रवेशद्वार है। यहां के रम्य कुण्ड में बहता हुआ ठंडा पानी का छोटा तालाब में सबने नहाया। , फिर अग्रेजों के जमाने में बना स्तम्भ देखने गय। जंगल में ही दोपहर का खाना। रात्रि कैम्प फायर।
23अप्रैल को फर्स्ट हॉफ , इंस्टिट्यूट में ही फन गेम , सेकेंड हॉफ रॉक क्लाइंबिंग पहाड़ में रस्सी के सहारे ऊपर चढ़ना एवम उतरना, रात्रि मेगा कैम्प फायर जिसमें सभी का भाग लेना, कैम्प फायर में आए अतिथि एसडीओ बीएसएनएल शर्मा जी एवम् उनकी युगल का भी (
उम्र हुआ 40 के पार गाने पर टीचर्स के
साथ) डांस करना इत्यादि ।
रुकने के लिए खूबसूरत टेंट , रात्रि को बिना लाईट और पंखे के भी मजेदार नींद आना , यह ट्रिप सभी के लिए सीखने वाला मजेदार अनुभव रहा।
नोट , 1 इस नेशनल एडवेंचर इंस्टीट्यूट में 5 पालतू डॉग भी कैम्प की सभी ट्रैकिंग में ट्रेकर के साथ पुरा जंगल घूमते है। जो की बच्चों के रोमांच को और बढ़ा देता है और थकान भी नहीं होने देता ।
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स्काउट सिखाता है, की स्काउट विश्वसनीय होते हैं, स्काउट वफादार होते हैं, स्काउट सबके मित्र और प्रत्येक दूसरे स्काउट का भाई होते है, स्काउट विनम्र होते हैं, स्काउट पशु पक्षियों का मित्र और प्रकृति प्रेमी होते हैं, स्काउट अनुशासन शील होते हैं और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने में सहायता करते
हैं, स्काउट साहसी होते हैं, स्काउट मितव्यई होते हैं।
इंटरनैशनल कैंप में धूपगढ़ भी ट्रैकिंग कराया जाता हैं
( पचमढ़ी की पहाड़ियों में
धूपगढ़
सबसे ऊंची चोटी है 1352 मीटर की ऊंचाई होने के कारण पूरे मध्य भारत की भी यह सबसे ऊंची चोटी है स्थानीय विस्तारो की तुलना में इस चोटी पर सबसे ज्यादा समय के लिए धूप रहती है, और यह निगरानी करने की जगह यानी कि गढ़ हुआ करता था ऐसा माना जाता है। धूपगढ़ से पर्यटक सूर्योदय और सूर्यास्त देखने का आनंद लेते हैं।
: विश्व पृथ्वी दिवस, निरोग एवं निरामय जीवन
Mon, Apr 22, 2024
*
विश्व पृथ्वी दिवस (World Eartth Day)*
*साथियों, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता
है -- "निरोग एवं निरामय जीवन"*
*🔹
हमको जीवन जीने एवं स्वस्थ रहने के लिए 5 तत्व आवश्यक है*----
*1. हवा (Air)*
*2. पानी (Water)*
*3. खाना (Food)*
*4. सूर्य प्रकाश (Sun Light)*
*5. पृथ्वी से निकलने वाली मैग्नेटिक एनर्जी (Magnetic Energy)*🌍🏃🏻♂️☝🏻
*🔸 Q- क्या हमको आज हवा, पानी, खाना शुद्ध मिल रहा है*?
*✖️नही हर जगह पोलुशन ही पोलुशन है_*🙆🏻♂️
*इसी तरह आज से 50/100 साल पहले हमे मैग्नेटिक एनर्जी 100% मिल रही थी क्योंकी तब हमारे घर मिट्टी के थे, हमारा खेलना चलना फिरना सब मिट्टी के साथ था इसलिए हमें कुदरती (Natural) मैग्नेटिक एनर्जी 100% मिल रही थी*🌍❤️👈🏻
*परन्तु आज हम जहा रहते है हमारे आसपास हर जगह सीमेंट और लोहे की बिल्डिंग्स है और लोहा (IRON) मैगनेट, मैग्नेटिक एनर्जी को अपनी तरफ खींच लेता है इसलिए हमें आज सिर्फ 15% से 20% ही मैग्नेटिक एनर्जी मिल रही है जो हमारे लिए पर्याप्त नही है इसलिए हमें तरह तरह की बीमारियाँ हो रही है*🙆🏻♂️
*▪️यदि हमको पर्याप्त मात्रा में मैग्नेटिक एनर्जी मिलेगी तभी हमारे शरीर ब्लड सर्क्युलेशन और ऑक्सीजन लेवल सही होगा*☝🏻
*▪️आज 99.99% लोगो का ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सिजन लेवल डिस्टर्ब है जो सारी बीमारियों की जड़ है और हमे आज 300+ बीमारियाँ सिर्फ हमारा ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सिजन लेवल डिस्टर्ब होने के वजह से हो रही है*🙆🏻♂️
*मैग्नेटिक एनर्जी पृथ्वी 🌍 पर है इसलिए पृथ्वी पर जीव सृष्टि है क्योंकि लाइफ मतलब BLOOD CIRCULATION+ OXYGEN*☝🏻
*●
हम खाने के बगैर 15 दिन जिंदा रह सकते है
🙆🏻♂️*
*●
पानी के बगैर 5दिन जिंदा रह सकते है🙆🏻♂️
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*●🌏
मेग्नेटिक एनर्जी के बगैर 3 सेकंड भी जिंदा नही रह सकते*💁🏻♂️🤔.....
*हमारे शरीर मे जो खून है उस मे आयरन नाम का एक घटक होता वो मैग्नेटिक एनर्जी को अपनी तरफ खींचता है उस से हमारे शरीर मे ब्लड सर्कुलेशन चलता है*🏃🏻♂️
*हमारे शरीर की जो करोड़ो अरबो सेल्स है उसको हेल्थी रहने के लिए चाहिए ऑक्सिजन और न्यूट्रिशन अगर सेल्स हेल्थी होंगी तो टिशू हेल्थी होंगे अगर टिशू हेल्थी होंगे तो ऑर्गन हेल्थी होंगे अगर ऑर्गन हेल्थी होंगे तो सिस्टम हेल्थी होंगी अगर हमारी सिस्टम्स हेल्थी होंगी तो हमारी पूरी बॉडी हेल्थी होंगी*
*▪️इस के अलावा हमारे शरीर की सेल्स को जो नुकसान होता है वो होता है मोबाइल रेडिएशन से जो हमारे सेल्स को डैमेज करता है और हमारी एनर्जी लेवल को खत्म कर देता है*🌍💁🏻♂️📲🙆🏻♂️
*▪️आज की तारीख में 20% लोग बीमार है उनके पास दो ही विकल्प है --- पहला तो वो प्रकृति से जुड़े रहे, मतलब नंगे पैर पृथ्वी पर चलना है, मोबाईल रेडिशन से बचने का pryas🏇🏻करे टॉवर क्षेत्र से दूर रहे, शारीरिक व्यायाम, प्राणायाम एवं गतिविधि करें।*