: प्रेम व प्रेम की फ्रीक्वेंनसी
Mon, May 20, 2024
-
प्रेम
-जिन चीजो व व्यक्तियों को हम चाहते हैं, असल में हम उन्हे प्यार करते हैं । जिन्हे हम नही चाहते असल में हम उन से प्यार नही करते ।
चीजें व व्यक्ति भी हमें उसी अनुपात में चाहते हैं, जिस अनुपात में हम चाहते हैं।
-अपने जीवन में बदलाव के लिये संघर्ष नही करना, आप को तो बस अच्छी भावनायें देनी हैं ।प्रेम देना है ।
-आप की मनचाही चीजें आप के सामने आ जाएगीं ।
-मै तब खुश होऊंगा जब मेरे पास बेहतर मकान होगा, मै तब खुश होऊंगा , जब मुझे नौकरी या प्रमोशन मिल जायेगी, बच्चो की पढाई पुरी हो जाय, व्यवसाय में सफल हो जाऊ, तो यह चीज्रे कभी नही मिलेगी । आप के विचार प्रेम के नियम की अवहेलना कर रहे है ।
-सुखद चीजे पाने के लिये पहले खुश होना होगा । जो पाना चाहते है उसे देना होगा ।
--आप जो भी देंगे प्रेम की शक्ति उसे कई गुणा बढा कर आप को लौटा देगी ।
-प्रेम की फ्रीक्वेनसी
-
विश्व की हर चीज़ चुम्बकीय है ।
-हर चीज़ की एक चुम्बकीय फ्रीक्वेंसी ( आवृति )होती है ।
-हमारी हर भावना और विचार भी एक फ्रीक्वेन्सी ही है ।
-अच्छी भावना अर्थात आप सकारात्मक फ्रेक्वेन्सी पर है ।
-बुरी भावना अर्थात आप नकारात्मक.फ्रेक्वेन्सी पर है ।
-किसी चुम्बक की तरह हम अपनी फ्रीक्वेंसी अनुसार व्यक्तियों व घटनायों को खींचते है।
-आप खुश हैं तो आप सकारात्मक आवर्ती पर हैं और आप सकारात्मकता
को आकर्षित करेगें।
अगर आप भयभीत या तनाव में हैं तो आसपास की ऐसी ही परिस्थितियाँ ही आकर्षित होगीं ।
-अपनी भावनायें बदल कर आप अपनी फ्रीक्वेंसी बदल सकते हैं ।
: सेवा भारती संस्थापक की पुण्य तिथि पर रक्त दान शिविर
Sun, May 19, 2024
सेवा भारती संस्थापक श्री विष्णु कुमार जी (गुरु जी) की पुण्य तिथि पर भोपाल के लिंक रोड 2 पर स्तिथ सेवा भारती आनंद धाम में 25/5/2024 को रक्त दान शिविर आयोजित किया गया है। विष्णु जी अपने जीवन काल में सेवा में इतना रम गए थे की सेवा भारती से भिन्न परिचय उन्हें स्वीकार नहीं था।
विष्णु जी साधनों के लिए कबीर रुके नहीं, सहयोग के अभाव में थके नहीं परिस्त्थियो के समक्ष झुके नहीं । इसी समर्पण व सेवा भाव से विष्णु जी द्वारा बोया गया सेवा का बीज आज एक विशाल वृक्ष बन चुका है व देशभर के जरुरत मंद लोगों को भिन्न भिन्न प्रकल्पों के माध्यम से अपनी सेवाए दे रहा है।
: राष्ट्र सेविका समिति की तीन प्रांतों का प्रशिक्षण 19 मई से भोपाल में
Sun, May 19, 2024
राष्ट्रीय सेविका समिति की शुरुआत वंदनीय लक्ष्मी बाई केलकर (मौसी जी) द्वारा की गई। नारी स्वयं प्रकृति है, स्त्री राष्ट्र की आधार शक्ति है, हम देखते हैं कि प्रत्येक कार्य में शक्ति मध्यवर्ती होती है उस शक्ति की शक्ति को जगाना, उस शक्ति को संगठित करना , उसे राष्ट्र निर्माण के कार्य में लगाना यह एक बहुत बड़ा कार्य है , माता बहनों का शारीरिक और मानसिक रूप से सक्षम होना आवश्यक है, इसी कार्य को आगे बढ़ाने का सौभाग्य इस वर्ष राष्ट्र सेविका समिति मध्य भारत प्रांत भोपाल को मिला है ।
इस वर्ष इस प्रशिक्षण में मध्य क्षेत्र यानी छत्तीसगढ़ महाकौशल एवं मध्य भारत तीन प्रांतों का क्षेत्र स्तरीय द्वितीय वर्ष प्रशिक्षण वर्ग (प्रबोध वर्ग) दिनांक 19 मई से 2 जून तक भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। इसी के साथ प्रथम वर्ष (प्रवेश वर्ग) भी आयोजित किया जा रहा है। जिसमें दोनो वर्गों की सम्मिलित संख्या लगभग 150 रहेगी। आयोजन में कार्यवाहिका आस्था जी , सुधा जी ,तृप्ति जी और सभी सहयोगी बहने शामिल हैं।