: भोपाल सेवा भारती द्वारा संचालित मातृ छाया में कार्यक्रम
Sun, Feb 18, 2024
सेवा भारती द्वारा संचालित मातृछाया शिशु कल्याण केंद्र अनेक वर्षों से परित्यक्त एवं अनाथ बच्चों के लिए कार्य करने वाली संस्था है। प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी बच्चों का नामकरण संस्कार 17 फरवरी 2024 को मातृ छाया शिशु कल्याण केंद्र मैदा मिल में मनाया गया। परंपरा अनुसार एक दिन के लिए तय किए गए माता-पिता ने बच्चों को गोद में लेकर उनका नाम रखा। इस अवसर पर पाँच बच्चों का नामकरण किया गया।
चार बच्चों का कर्णछेदन किया गया।
इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
संस्था के अध्यक्ष श्री सुनील माहेश्वरी जी ने मातृछाया की जानकारी और स्वागत वक्तव्य दिया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री तपन भौमिक जी (अध्यक्ष, समर्पण सेवा समिति) ने कहा भारत माता का वैभव रहे हम सब इसीलिए काम कर रहे हैं।
विभाग सरसंघचालक , अध्यक्ष श्री सोमकांत उमालकर जी ने विष्णु जी और नीलकंठ पाँचखेड़े, सुधा पाँचखेड़े जी को याद किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती किरण अग्रवाल जी( अध्यक्ष, ट्रू सेज फाउंडेशन) बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके विकास से ही देश का विकास होगा।
मुख्य वक्ता के रूप में ऋषि पाल सिंह डडवाल( उपाध्यक्ष राष्ट्रीय सेवा भारती, (दिल्ली) ने बताया कि1985-86 की बात है तभी पहला बाल कल्याण केंद्र खुला। जब नाम चयन की बात आई तो भारतीय संस्कार की बात भी की गई। मातृछाया नाम रखा गया। आठ हजार बच्चे अनाथ निकलते हैं। पर मातृछाया केंद्र खुलने से बच्चों को परिवार मिले।सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा विद्या मंदिर और मातृछाया के बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत किया। मातृछाया की यशोदाओं का सम्मान किया गया। वैभवश्री की बहनों द्वारा बनाई गई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई। महिला मंडल द्वारा गुल्लक बिक्री हेतु रखे गए।अतिथियों का आभार श्री रवि जोशी जी नेकिया। संचालन महानगर सहसंयोजिका श्रीमती सुनीता सूर्यवंशी ने किया।इस अवसर पर भोपाल राज्य बाल आयोग के सदस्य अनुराग पांडे एवं अनेक समाजसेवी एवं सेवा भारती के सदस्य शिक्षिका पूर्णकालिक आदि सभी उपस्थित रहे।
: पेड़ों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी
Wed, Feb 14, 2024
📝 *पेड़ों के बारे मे महत्वपूर्ण जानकारी*
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♡. पेड़ धरती पर सबसे पुरानें living organism हैं, और ये कभी भी ज्यादा उम्र की वजह से नहीं मरते।
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♡. हर साल 5 अऱब पेड़ लगाए जा रहे है लेकिन हर साल 10 अऱब पेड़ काटे भी जा रहे हैं।
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♡. एक पेड़ दिन में इतनी ऑक्सीजन देता है कि 4 आदमी जिंदा रह सकें।
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♡.देशों की बात करें, तो दुनिया में सबसे ज्यादा पेड़ रूस में है उसके बाद कनाडा में उसके बाद ब्राज़ील में फिर अमेरिका में और उसके बाद भारत में केवल 35 अऱब पेड़ बचे हैं।
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♡.दुनिया की बात करें, तो 1 इंसान के लिए 422 पेड़ बचे है. लेकिन अगर भारत की बात करें,तो 1 हिंदुस्तानी के लिए सिर्फ 28 पेड़ बचे हैं।
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♡. पेड़ो की कतार धूल-मिट्टी के स्तर को 75% तक कम कर देती है. और 50% तक शोर को कम करती हैं।
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♡. एक पेड़ इतनी ठंड पैदा करता है जितनी 1 A.C 10 कमरों में 20 घंटो तक चलने पर करता है. जो इलाका पेड़ो से घिरा होता है वह दूसरे इलाकों की तुलना में 9 डिग्री ठंडा रहता हैं।
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♡. पेड़ अपनी 10% खुराक मिट्टी से और 90% खुराक हवा से लेते है।
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♡. एक एकड़ में लगे हुए पेड़ 1 साल में इतनीCo2सोख लेते है जितनीएक कार 41,000 km चलने परछोड़ती हैं।
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♡. दुनिया की 20% oxygen अमेजन के जंगलो द्वारा पैदा की जाती हैं. ये जंगल 8 करोड़ 15लाख एकड़ में फैले हुए हैं।
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♡. इंसानो की तरह पेड़ो को भी कैंसर होती है.कैंसर होने के बाद पेड़ कम ऑक्सीजन देने लगते हैं।
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♡. पेड़ की जड़े बहुत नीचे तक जा सकती है. दक्षिण अफ्रिका में एक अंजीर के पेड़ की जड़े 400 फीट नीचे तक पाई गई थी।
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♡. दुनिया का सबसे पुराना पेड़ स्वीडन के डलारना प्रांतमें है.टीजिक्कोनाम का यह पेड़ 9,550 साल पुराना है।
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♡.किसी एक पेड़ का नाम लेना मुश्किल है लेकिन तुलसी, पीपल, नीम और बरगद दूसरों के मुकाबले ज्यादा ऑक्सीजन पैदा करते हैं।_"स्वयं जगें लोगों को जगाएं,"_
_"मिलकर पर्यावरण बचाएँ।"_
*आइये इस धरा का सौंदर्य वृक्ष लगा कर बढ़ायें।*
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: भोपाल के शासकीय गीतांजलि कन्या महाविद्यालय में वार्षिक स्नेह सम्मेलन स्पंदन
Tue, Feb 13, 2024
भोपाल के शासकीय गीतांजलि कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में दिनांक 13, 14 एवं 15 फरवरी 2024 को वार्षिक स्नेह सम्मेलन ’स्पंदन’ का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन के प्रथम दिवस दिनांक 13 फरवरी को मेहंदी प्रतियोगिता, विज्ञापन अभिनय प्रतियोगिता, फायर लेस कुकिंग प्रतियोगिता, एकल नृत्य प्रतियोगिता , समूह नृत्य प्रतियोगिता, दिनाक़ 14 फरवरी को फेस पेंटिंग प्रतियोगिता , रंगोली प्रतियोगिता , दुल्हन प्रतियोगिता, दिनांक 15 फरवरी को तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन होना है । इन आयोजित प्रतियोगिताओं में महाविद्यालय की छात्राओं में भाग लेने की होड़ सी मची हुई हैं। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर जयश्री मिश्रा के मार्गदर्शन में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण कार्यक्रम की आयोजन में लगे हुए हैं ।