: क्यों खाना चाहिए भीगे अंजीर ? हेल्थ टिप्स
Mon, Sep 4, 2023
फायदे जान लेंगे तो आप भी कर देंगे शुरू
डायबिटीज में अंजीर का सेवन अधिक फायदेमंद माना जाता है, बता दें कि अंजीर में हाई पोटैशियम होता है, इसके अलावा अंजीर में क्लोरोजेनिक एसिड भी पाया जाता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करता है।
अंजीर का सेवन कब्ज और पेट से जुड़ी परेशानियों को कम करने में भी किया जाता है, बता दे की अंजीर में फाइबर उचित मात्रा में पाया जाता है, जो नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है, ऐसे में यदि आपको भी कब्ज की समस्या है, तो भीगी अंजीर और उसके पानी को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें।
शरीर को हेल्दी रखने के लिए अंजीर का सेवन अधिक फायदेमंद रहता है, इसका नियमित सेवन करने से शरीर को कई जरूरी मिनरल्स मिल जाते हैं । दर असल अंजीर में जिंक, मैंगनीज, मैग्नीशियम, और आयरन अच्छी मात्रा में होता है , जो रिप्रोडक्टिव हेल्थ को बढ़ावा देते हैं।
शरीर के बढ़ते वजन को कम करने के लिए भी आप अंजीर का सेवन कर सकते हैं। ऐसे में यदि आप मोटापा घटाने के लिए डाइट पर है, तो अंजीर का सेवन एक बेहतर ऑप्शन हो सकता है
।
मोटापा घटाने के साथ बल्ड कंट्रोल करने में भी अंजीर का सेवन अधिक फायदेमंद माना जाता है । बता दें कि अंजीर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से छुटकारा पाने और ब्लड प्रेशर को कम करने मदद करते हैं।
अंजीर का सेवन आप स्क्रीन से जुड़ी समस्याओं से निजात पाने में भी कर सकते हैं। बता दे की अंजीर के पानी को डाइट में शामिल करने से शरीर से मौजूद विषाक्त चीजों को बाहर निकालने में मदद मिल सकती है।
हेल्थ टिप्स
अपनी दवा ठंडी पानी से मत ले, 6:00 बजे शाम के बाद भारी खाना ना खाएं, सुबह में रात की अपेक्षा ज्यादा पानी पिए, सोने का सबसे बेहतर समय 10:00 बजे रात से 4:00 बजे सुबह होता है, खाना खाने के तुरंत बाद नहीं सोए या लेटे,
: नाभि का जीवन में शुरू से लेकर अंत तक कुदरती रिश्ता (पार्ट 2)
Mon, Aug 28, 2023
क्या आप जानते हैं कि आपको गर्भ में खाना पीना और पोषण कहां से और कैसे मिलता है...??? जानी जिसे आप जानते ही न हो....
गर्भ की उत्पत्ति नाभि के पीछे होती है और उसकी माता के साथ जुड़ी हुई नाड़ी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के 3 घंटे तक नाड़ी गर्म रहती है ।
गर्भधारण के 9 महीने अर्थात 270 दिन बाद एक संपूर्ण बाल स्वरूप बनता है ।
नाभि के द्वारा सभी नसों का जुड़ाव गर्व के साथ ही शुरू हो जाता है, इसे नाभि एक अद्भुत भाग है ।
नाभि के पीछे की ओर एक पेचुटी / नावल बटन होता है और इस नावल बटन में 72000 से भी अधिक रक्त धमनिया स्थित होती हैं ।
हमारी नाभि को मालूम रहता है कि हमारी कौन सी रक्त वाहिनी सूख रही है इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है ।
जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है, तब हम हींग और पानी या तेल का मिश्रण उसके पेट और नाभि के आसपास लगते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था ।
बस यही काम है तेल का नाभि शरीर को कहां-कहां मदद
करती
हैं,
जानिए....
....
शारीरिक दुर्बलता
: नाभि में गाय का शुद्ध घी या सरसों का तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता से बचा जा सकता है ।
आंखों का शुष्क हो जाना
: नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिए सोने से पहले 3 से 7 बूंद घी या नारियल के तेल नाभि में डालें और नाभि के आसपास डेढ़ इंच गोली में फैला दें।
घुटने के दर्द में उपाय
: सोने से पहले 3 से 7 बूंद अरंडी का तेल नाभि में डालें और उसके आसपास डेढ़ इंच में फैला दें ।
शरीर में कंपन तथा जोड़ों में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए
उपाय : रात को सोने से पहले 3 से 7 बूंद राई या सरसों का तेल, नाभि में डालें और उसके चारों ओर डेढ़ इंच में फैला दें ।
मुंह और गाल पर होने वाले पिंपल के लिए
उपाय : नीम का तेल 3 से 7 बूंद उपरोक्त तरीके से डालें।
नाभि में देसी गाय का घी लगाने से लाभ : नाभि में देसी गाय का घी लगाने से नजर बढ़ती है, आंखों की समस्या नहीं होती।
नाभि में देसी गाय का घी लगाने से वोट नहीं फटते।
नाभि में देसी गाय का घी लगाने से चेहरे पर चमक आती है।
इससे भी ज्यादा है
बस आप रोजाना रात को सोते समय सिर्फ दो बूंद देसी गाय का घी अपने नाभि में डेढ़ इंच सर्कल में लगाते रहे।
: सेहत के लिए खाएं काली मिर्च मिलेंगे कई हेल्थ बेनिफिट्स
Sat, Aug 26, 2023
स्वाद के लिए नहीं सेहत के लिए खाएं काली मिर्च एक नहीं मिलेंगे कई हेल्थ बेनिफिट्स !काली मिर्च ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने मदद करती है, बता दें कि ब्लैक पेपर को इंसुलिन का बेस्ट सोर्स माना जाता है, काली मिर्च का सेवन करने से शरीर का रक्त शर्करा का स्तर नियंत्रित रहता है, इसलिए डायबिटीज पेशेंट के लिए काली मिर्च को डाइट में शामिल करना बेहतर होता है !कैंसर को दूर रखती है काली मिर्च को रोजाना डाइट में शामिल करने से ब्रेस्ट या बोन कैंसर होने का रिस्क कम होता है, ऐसा इसलिए क्योंकि काली मिर्च एंटी कैंसर प्रॉपर्टीज से भरपूर होती है जिसकी वजह से काली मिर्च कैंसर से लड़ने में मददगार होती है ।पेट दुरुस्त रहता है काली मिर्च आंतों के माइक्रोबायोटा को रेगुलेट करने और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल हेल्थ को बेहतर बनाने में मदद करती है, जिसकी वजह से काली मिर्च को डाइट में शामिल करने से डाइजेशन मजबूत बनता है, और गैस एसिडिटी जैसे दिक्कत नहीं होती है ।ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करती है, काली मिर्च में मौजूद रिपेयरिंग ब्रेन फंक्शन को बूस्ट करने में मददगार रहता है, काली मिर्च को डाइट में शामिल करने से मेंटल हेल्थ दुरुस्त रहती है, और अल्जाइमर जैसी बीमारी होने का खतरा कम होता है, साथ ही मेमोरी पावर को बढ़ाने में भी काली मिर्च कारगर है ।गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ती है, काली मिर्च के सेवन से बॉडी में लाइपो प्रोटीन यानी गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है, यह बात जानवरों पर की गई एक स्टडी में सामने आई, इसके तहत जिन जानवरों को काली मिर्च खाने के लिए दी गई उनकी बॉडी में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर में काफी सुधार पाया गया ।फल या सलाद खाने के ऊपर कालीमिर्च पावडर छिड़क कर खाएं ।