: नाभि का जीवन में शुरू से लेकर अंत तक कुदरती रिश्ता (पार्ट 2)
Admin
Mon, Aug 28, 2023
- क्या आप जानते हैं कि आपको गर्भ में खाना पीना और पोषण कहां से और कैसे मिलता है...??? जानी जिसे आप जानते ही न हो....
- गर्भ की उत्पत्ति नाभि के पीछे होती है और उसकी माता के साथ जुड़ी हुई नाड़ी से पोषण मिलता है और इसलिए मृत्यु के 3 घंटे तक नाड़ी गर्म रहती है ।
- गर्भधारण के 9 महीने अर्थात 270 दिन बाद एक संपूर्ण बाल स्वरूप बनता है ।
- नाभि के द्वारा सभी नसों का जुड़ाव गर्व के साथ ही शुरू हो जाता है, इसे नाभि एक अद्भुत भाग है ।
- नाभि के पीछे की ओर एक पेचुटी / नावल बटन होता है और इस नावल बटन में 72000 से भी अधिक रक्त धमनिया स्थित होती हैं ।
- हमारी नाभि को मालूम रहता है कि हमारी कौन सी रक्त वाहिनी सूख रही है इसलिए वो उसी धमनी में तेल का प्रवाह कर देती है ।
- जब बालक छोटा होता है और उसका पेट दुखता है, तब हम हींग और पानी या तेल का मिश्रण उसके पेट और नाभि के आसपास लगते थे और उसका दर्द तुरंत गायब हो जाता था ।
- बस यही काम है तेल का नाभि शरीर को कहां-कहां मदद करती हैं, जानिए........
- शारीरिक दुर्बलता : नाभि में गाय का शुद्ध घी या सरसों का तेल लगाने से बहुत सारी शारीरिक दुर्बलता से बचा जा सकता है ।
- आंखों का शुष्क हो जाना : नजर कमजोर हो जाना, चमकदार त्वचा और बालों के लिए सोने से पहले 3 से 7 बूंद घी या नारियल के तेल नाभि में डालें और नाभि के आसपास डेढ़ इंच गोली में फैला दें।
- घुटने के दर्द में उपाय : सोने से पहले 3 से 7 बूंद अरंडी का तेल नाभि में डालें और उसके आसपास डेढ़ इंच में फैला दें ।
- शरीर में कंपन तथा जोड़ों में दर्द और शुष्क त्वचा के लिए उपाय : रात को सोने से पहले 3 से 7 बूंद राई या सरसों का तेल, नाभि में डालें और उसके चारों ओर डेढ़ इंच में फैला दें ।
- मुंह और गाल पर होने वाले पिंपल के लिए उपाय : नीम का तेल 3 से 7 बूंद उपरोक्त तरीके से डालें।
- नाभि में देसी गाय का घी लगाने से लाभ : नाभि में देसी गाय का घी लगाने से नजर बढ़ती है, आंखों की समस्या नहीं होती।
- नाभि में देसी गाय का घी लगाने से वोट नहीं फटते।
- नाभि में देसी गाय का घी लगाने से चेहरे पर चमक आती है।
- इससे भी ज्यादा है बस आप रोजाना रात को सोते समय सिर्फ दो बूंद देसी गाय का घी अपने नाभि में डेढ़ इंच सर्कल में लगाते रहे।
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