: "केला" सेहत के लिए रामबाण है
Fri, Oct 27, 2023
*सेहत के लिए रामबाण है यह लंबा फल, खाने में मीठा, लेकिन शुगर के मरीजों के लिए भी फायदेमंद, पिघला देगा पेट की चर्बी*
केला को शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है. मेडिकल न्यूज़ टुडे की रिपोर्ट के अनुसार केला में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जिससे पेट की समस्याओं से निजात मिल सकती है. एक केला में करीब 3.07 ग्राम फाइबर होता है. इसे पाचन तंत्र के लिए अच्छा माना जाता है. हाई फाइबर की वजह से केला वजन घटाने में सहायक है. इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है.केला मीठा होने के बावजूद डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है. केला ब्लड शुगर को कंट्रोल करके स्थिर करने में मददगार साबित होता है. केला में मौजूद पोषक तत्व इन्सुलिन सेंसटिविटी को बढ़ा देते हैं. हालांकि शुगर के मरीजों को एक दिन में 1-2 से ज्यादा केला नहीं खाना चाहिए. लिमिट में केला का सेवन करना फायदेमंद होता है, लेकिन अत्यधिक मात्रा नुकसानदायक हो सकती है.आपको जानकर हैरानी होगी कि केला खाने से शरीर में जमे बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिलती है. कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपनी डाइट में केला जरूर शामिल कर लेना चाहिए. इससे उनका पेट साफ रहेगा और बीमारियों का खतरा टल जाएगा. अगर आपको पाचन की समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर केला का सेवन कर सकते हैं.केला में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो हार्ट हेल्थ के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है. पोटेशियम युक्त फूड्स आपके ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम हो सकता है.केला एंटीऑक्सीडेंट्स का एक बेहतरीन स्रोत है. इनमें फ्लेवोनोइड्स और एमाइन सहित कई प्रकार के शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. ये एंटीऑक्सीडेंट सेहत को कई फायदे देते हैं.
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: बुढ़ापा पैरों से शुरू होता है
Thu, Oct 26, 2023
*बुढापा पैरों से शुरु होता है*
(विशेषतः मेरे सीनियर सिटीजन मित्रों के लिए)
मुझे आज उपरोक्त संदर्भ में एक समझने लायक लेख मिला। पैदल चलना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है व यही सीनियर सिटीजन्स हेतु सबसे अच्छी एक्सरसाइज है। इस लेख में पैदल चलने के और भी फायदे बताए हैं। मैं पैरों के नर्व्स और वेंस के लिए स्ट्रेच एक्सरसाइज़ में अलाली कर लेता था, जो अब से नही करूँगा। क्योंकि पिंडली को कुछ लोग उसमें पाए जाने वाले नर्व्स और वेंस के कारण उसे छोटा दिल जो कहते हैं। शायद ये लेख आपको भी अच्छा लगे।*बुढ़ापा पैरों से शुरू होकर ऊपर की ओर बढ़ता है ! अपने पैरों को सक्रिय और मजबूत रखें !!*जैसे-जैसे हम ढलते जाते हैं और रोजाना बूढ़े होते जाते हैं, हमें पैरों को हमेशा सक्रिय और मजबूत बनाए रखना चाहिए।हम लगातार बूढ़े हो रहे हैं, वृद्ध हो रहे हैं, मगर हमें बालों के भूरे होने, त्वचा के झड़ने (या) झुर्रियों से डरना नहीं चाहिए।दीर्घायु के संकेतों में, जैसा कि अमेरिकी पत्रिका प्रिवेंशन (रोकथाम) में मजबूत पैर की मांसपेशियों को शीर्ष पर सूचीबद्ध किया गया है, क्योंकि यह सबसे महत्वपूर्ण और आवश्यक है।यदि आप दो सप्ताह तक अपने पैर नहीं हिलाते हैं, तो आपके पैरों की ताकत 10 साल कम हो जाएगी। यानी आप दस साल बूढ़े हो जाएंगे।डेनमार्क में कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में पाया गया कि वृद्ध और युवा दोनों, *निष्क्रियता* के दो हफ्तों के दौरान, पैरों की मांसपेशियों की ताकत *एक तिहाई कम हो सकती है जो 20 से 30 साल की उम्र के बराबर है।*जैसे-जैसे हमारे पैर की मांसपेशियां कमजोर होती जाती हैं, ठीक होने में लंबा समय लगता है, भले ही हम बाद में पुनर्वास और व्यायाम करें।इसलिए, *चलने जैसे नियमित व्यायाम बहुत जरूरी हैं*।पूरे शरीर का भार पैरों पर रहता है और शरीर आराम करता है। पैर एक प्रकार के स्तंभ हैं, जो मानव शरीर के पूरे भार का वहन करते हैं।दिलचस्प बात यह है कि किसी व्यक्ति की 50% हड्डियाँ और 50% मांसपेशियाँ दोनों पैरों में ही होती हैं। मानव शरीर के सबसे बड़े और मजबूत जोड़ और हड्डियां भी पैरों में होती हैं।▪️मजबूत हड्डियां, मजबूत मांसपेशियां और लचीले जोड़ "आयरन ट्राएंगल" का निर्माण करते हैं जो सबसे महत्वपूर्ण भार यानी *मानव शरीर को वहन करता है।*️७०% मानव गतिविधियां और कैलोरी बर्निंग इन्हीं दो पैरों से होते हैं।क्या आप यह जानते हैं? जब इंसान जवान होता है तो उसकी *जांघों में इतनी ताकत होती है कि वह 800 किलो की छोटी कार को उठा सके।*️ *पैर शरीर की हरकत का केंद्र है*।दोनों पैरों में मिलकर मानव शरीर की ५०% नसें, ५०% रक्त वाहिकाएं और ५०% रक्त उनमें से बहता है।▪️ यह सबसे बड़ा संचार नेटवर्क है जो शरीर को जोड़ता है।केवल जब पैर स्वस्थ होते हैं तब रक्त की कन्वेंशन धारा सुचारू रूप से प्रवाहित होती है, इसलिए जिन लोगों के पैर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, उनका हृदय निश्चित रूप से मजबूत होता है।*बुढ़ापा पैरों से ऊपर की ओर जाता है।*जैसे-जैसे व्यक्ति बूढ़ा होता है, मस्तिष्क और पैरों के बीच निर्देशों के संचरण की सटीकता और गति कम होती जाती है, इसके विपरीत जब कोई व्यक्ति युवा होता है तो यह बहुत तेज और सटीक होती है।️इसके अलावा, तथाकथित अस्थि उर्वरक (कैल्शियम) समय बीतने के साथ खो जाएगा, जिससे बुजुर्गों को हड्डियों के फ्रैक्चर का खतरा अधिक हो जाएगा।बुजुर्गों में अस्थि भंग आसानी से जटिलताओं की एक श्रृंखला को ट्रिगर कर सकता है, विशेष रूप से घातक रोग जैसे मस्तिष्क घनास्त्रता।क्या आप जानते हैं कि आम तौर पर 15 फीसदी बुजुर्ग मरीजों की जांघ की हड्डी में फ्रैक्चर के एक साल के भीतर मौत हो जाती है ?️* *पैरों की एक्सरसाइज करने में कभी देर नहीं करनी चाहिए, 60 साल की उम्र के बाद भी यदि आप नियमित व्यायाम करें तो परिणाम चौंकाने वाले होते हैं।*️हालांकि समय के साथ हमारे पैर धीरे-धीरे बूढ़े हो जाएंगे, लेकिन हमें पैरों का व्यायाम करना जीवन भर का काम बना लेना चाहिए।केवल पैरों को मजबूत करके ही आगे बढ़ती उम्र को रोका या कम किया जा सकता है।▪️कृपया रोजाना कम से कम 30-40 मिनट टहलें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैरों को पर्याप्त व्यायाम मिले और यह सुनिश्चित हो सके कि आपके पैरों की मांसपेशियां स्वस्थ रहें।यदि आप सहमत हैं तो आपको इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने सभी दोस्तों और परिवार के सदस्यों के साथ साझा करना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति रोज बूढ़ा हो रहा है।मस्त रहें, स्वस्थ रहें, प्रसन्न रहें और नियमित 5 km पैदल अवश्य चलें.🌷💐🙏
: ठंड में मेथी जरूर खाएं
Wed, Oct 25, 2023
*ठंड में मेथी जरूर खाएं, जानिए सेहतमंद फायदे*
मेथी में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. यह संक्रमण से शरीर को दूर रखता है.
मेथी के पत्तों में भी एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. यह सर्दी और जुकाम से राहत दिलाता है.
मेथी के लड्डू खाने से इम्यूनिटी मज़बूत होती है.
मेथी के लड्डू खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है.
मेथी के लड्डू खाने से जोड़ों के दर्द में फ़ायदा होता है.
मेथी के लड्डू खाने से डायबिटीज़ में फ़ायदा होता है.
मेथी के लड्डू खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है.
मेथी के लड्डू खाने से वज़न कम होता है.
मेथी के लड्डू खाने से बालों के लिए फ़ायदा होता है.
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