: अपनी शक्ति को जाने
Sun, Sep 10, 2023
हमें अपनी शक्ति का सही पता करना है। उसको हमें चेक करना है। हमने अपनी ताकत को ठीक तरह समझा नहीं और समझा भी है, तो बहुत कम समझा है। हमारे पास इच्छा शक्ति की कमी होने के कारण हम अपने आप से ठीक तरह से जान नहीं सके। हमने अपने आप को किसी एक मर्यादा में बंद करके रखा है। हमारे जीवन में कोई भी मिशन नहीं है। हम तो बस औरों की तरह जीवन जीने में लगे पड़े हैं।
एक कविता में बताया है। एक तालाब में कई बतख थे। उसमें एक कुरूप बतख था। उसे कोई भी खेलने के लिए साथ नहीं लेते थे। सब उसे पीछे छोड़ आगे निकल जाते थे। उसे ऐसा लगता था कि सभी मेरे साथ ऐसा क्यों करते हैं। एक दिन वह अपने आप को पानी में देखता है। तो उसे एहसास होता है। वह उन सबके जैसा बतख नहीं था। वह तो एक राजहंस था। उसे अपनी विशेषता, अपनी शक्ति तब पता चली जब उसने पानी में अपने आप को देखा। वैसे ही हमें अपने आप को देखना जरूरी है। तभी हम अपनी विशेषता जान सकेंगे। मगर हमें ऐसा लगता है, हमारे पास कोई विशेषता नहीं है। विशेषता तो दूसरों में है। हमारे पास कोई शक्ति नहीं है। शक्तिवान कोई दूसरा है। इसलिए हम सदा दूसरों की तरफ देखते हैं।
एक व्यक्ति एक विद्वान से पूछा, इस दुनिया में सबसे शक्तिवान कौन है? तो उस विद्वान ने बताया इस दुनिया में सबसे शक्तिवान गणपति है। तो उस व्यक्ति ने गणपति की एक तस्वीर लाई और उसकी पूजा करने लगा। एक दिन उसके घर में एक चूहा आया। वह चूहा गणपति के सामने रखा हुआ प्रसाद लेकर गया। तो उस व्यक्ति को ऐसा लगा, अगर गणपति के सामने रखा प्रसाद चूहा लेकर जाता है और गणपति उसे कुछ भी नहीं करता, इसका अर्थ गणपति शक्तिवान नहीं है। शक्तिमान तो चूहा है। तब वह गणपति के
बदले चूहे की पूजा करना शुरू करता है। एक दिन उसके घर में बिल्ली आती है और वह बिल्ली चूहे को पकड़ती है। तब चूहा कुछ भी नहीं करता। तो उस व्यक्ति को लगता है। शक्तिवान चूहा नहीं है। शक्तिवान तो बिल्ली है।
तब और चूहे के बदले बिल्ली की पूजा करना शुरू करता है। कुछ दिन बाद बिल्ली दूध में के बर्तन में मुह डालती हैं। तो उस
व्यक्ति की पत्नी बिल्ली को लाठी से मारती है। तब बिल्ली कुछ नहीं करती। तो उस व्यक्ति को लगता है। यह बिल्ली की कोई शक्तिवान नहीं है। शक्तिमान तो मेरी पत्नी है। तो वह बिल्ली के बदले अपनी पत्नी की पूजा करना शुरू करता है। एक दिन उसका अपने
पत्नी के साथ किसी कारण से झगड़ा होता है। वह गुस्से में आकर पत्नी को मारता है। तब उसकी पत्नी कोई प्रतिकार नहीं करती। तो उसे लगता है मेरी पत्नी भी कोई शक्तिवान नहीं है। तो शक्तिवान कौन है ? शक्तिवान तो स्वयं मैं ही हूं।
हमें ऐसा लगता है कि यहां कोई और शक्तिवान है। मगर इस दुनिया में केवल हम ही शक्तिमान होते हैं। बस हमें अपनी शक्ति का पता होना चाहिए। इसलिए हमें देखने का नजरिया बदलना हैं।
: नकारात्मकता से सकारात्मकता
Sat, Sep 9, 2023
हमारे सामने अगर स्थिति नकारात्मक हो और हमारा विचार भी नकारात्मक हो, तो उसका परिणाम नकारात्मक आएगा। मगर परिस्थिति नकारात्मक हो और अपना विचार अगर सकारात्मक हो, तो उसका परिणाम सकारात्मक आएगा। परिस्थिति कैसी भी हो, हमारे सकारात्मक विचार ही हमें सकारात्मक परिणाम देते हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज जब आगरा में नजर कैद में थे, तब ऐसी कोई भी परिस्थिति नहीं थी, कि वे वहां से छूट सके। चारों ओर मुगलों का राज्य था । परिस्थिति पूरी नकारात्मक थी। फिर भी छत्रपति शिवाजी महाराज के मन में सकारात्मक विचार था। मैं इस परिस्थिति से भी छुट सकता हूं। इस सकारात्मक विचार से ही वो वहां से छूट गए। परिस्थिति भले कितनी भी नकारात्मक हो, हमें सकारात्मक ही सोचना है।
एक गांव में एक कुआं था। उसमें बिल्कुल पानी नहीं था। उसमें एक घोड़ा गिर जाता है। वह घोड़ा भी वृद्ध था। किसी काम का नहीं था। तब उसके मालिक ने सोचा कि अगर इस कुएं में के ऊपर से मिट्टी डाल दें, तो यह कुआं भी भर जाएगा, और साथ में इस घोड़े का भी दफ़न होगा। इसलिए उसने चार मजदूर काम पर लगाये और कुएं में मिट्टी डालना शुरू किया । जैसे उस कुएं के अंदर नीचे मिट्टी आई, तब घोड़े ने सोचा मेरा मालिक कितना अच्छा है। वह कुएं में मिट्टी डालकर मुझे
ऊपर ले रहा है। उस घोड़े का मालिक का विचार नकारात्मक था। घोड़े को मारने का था और घोड़े का विचार सकारात्मक था। स्वयं को बचाने का था। इसलिए कुएं में जैसे-जैसे मिट्टी भरने लगी, वैसा घोड़ा ऊपर आया और बच गया। यहां मलिक का विचार नकारात्मक था। मगर घोड़े का विचार सकारात्मक था।
नकारात्मकता को सकारात्मकता में बदलना यह कोई छोटी बात नहीं। यह वही कर सकता है, जिसे अपनी शक्ति का पता हो। अपनी विशेषता पता हो। अपनी विशेषता से वो बड़े-बड़े बदलाव कर सकता है।
: मंत्री बिसाहूलाल सिंह अनूपपुर जिले में जन आशीर्वाद यात्रा में शामिल होने आज होंगे रवाना
Sat, Sep 9, 2023
राज्य सरकार एवम् भारतीय जनता पार्टी द्वारा मध्य प्रदेश के सभी जिलों में जन आशीर्वाद यात्रा निकाल कर , राज्य एवम् केंद्र सरकार द्वारा की गई विकास कार्यों के लिए जनता से आशीर्वाद लेने यह यात्रा निकाली जा रही हैं , 11 सितंबर को अनूपपुर में होने वाली जन आशीर्वाद यात्रा के लिए मध्य प्रदेश के नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंत्री माननीय बिसाहुलाल सिंह जी आज अनूपपुर रवाना हो रहे हैं।