: गन्ने के रस के फायदे
Tue, Mar 12, 2024
गन्ने के रस के फायदे / benefits of sugarcane juice1. कैंसर से बचाव -
गन्ने के रस में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन और मैग्नेशियम की मात्रा इसके स्वाद को क्षारीय (खारा) करती है, इस रस में मौजूद यह तत्व हमें कैंसर से बचाते हैं. गन्ने का रस कई तरह के कैंसर से लड़ने में सहायक है. प्रोस्टेट और स्तन (ब्रेस्ट) कैंसर से लड़ने में भी इसे कारगर माना जाता है.2. तुरंत ताकत के लिए -
गन्ने के रस में प्राकृतिक तौर पर शुगर है जो शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ाती है और यह पानी की कमी को पूरा करता है। इसके सेवन के तुरंत बाद आप ताजा और ऊर्जावान महसूस करेंगे। गर्मियों में डीहाइड्रेशन से बचाने में मददगार है।3. पाचन को ठीक रखता है -
गन्ने के रस में पोटैशियम की अधिक मात्रा होने की वजह से यह शरीर के पाचनतंत्र के लिए बहुत फायदेमंद है. यह रस पाचन सही रखने के साथ-साथ पेट में संक्रमण होने से भी बचाता है. गन्ने का रस कब्ज की समस्या को भी दूर करता है.4. ह्रदय रोगों से बचाव -
यह रस दिल की बीमारियों जैसे दिल के दौरे के लिए भी बचावकारी है. गन्ने का रस से शरीर में कॉलेस्ट्रोल और ट्राईग्लिसराइड का स्तर गिरता है. इस तरह धमनियों में फैट नहीं जमता और दिल व शरीर के अंगों के बीच खूब का बहाव अच्छा रहता है.5. वजन कम करने में सहायक -
गन्ने का रस शरीर में प्राकृतिक शक्कर पहुंचाकर और खराब कॉलेस्ट्रोल को कम करके आपका वजन कम करने में सहायक होता है. इस रस में घुलनशील फाइबर होने के कारण वजन संतुलित रहता है.6. त्वचा में निखार लाता है -
गन्ने के रस में अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (AHAs) पदार्थ होता है, जो त्वचा संबंधित परेशानियों को दूर करता है और इसमें कसाव लेकर आता है. AHA मुहांसों से भी राहत पहुंचाता है, त्वचा के दाग कम करता है, त्वचा को नमी देकर झुर्रियां कम करता है. गन्ने के रस को त्वचा पर लगाएं और सूखने के बाद पानी से धो लें. बस इतना प्रयास करने पर ही आपकी त्वचा खिली-खिली और साफ नजर आएगी.7. किडनी के लिए फायदेमंद -
गन्ने के रस में प्रोटीन अच्छी मात्रा में है। इसमें नींबू और नारियल पानी मिलाकर पीने से किडनी में संक्रमण, युरीन इन्फेक्शन, एसटीडी और पत्थर जैसी समस्याओं में आराम मिल सकता है।8. रोग प्रतिरोधी क्षमता बढ़ाता है -
गन्ने के रस में एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में हैं जो शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को मजबूत करते हैं। यह लिवर से जुड़े संक्रमण और पीलिया के मरीजों के लिए भी इसलिए ही फायदेमंद माना जाता है।9. दांतों के लिए फायदेमंद -
इसमें मिनिरल्स अधिक होते हैं इसलिए यह मुंह से संबंधित समस्या जैसे – दांतों में सड़न, सांसों की दुर्गंध से बचाव में मददगार है। सफेद चमकदार दांतों के लिए गन्ने के रस का सेवन करें।10. बुखार से बचाव -
फेब्राइल डिसॉडर यानी प्रोटीन की कमी से बार-बार बुखार से बचाव के लिहाज से गन्ने का रस काफी फायदेमंद है।11. लीवर को स्वस्थ रखता है -
गन्ना आपका बिलीरुबिन (bilirubin) लेवल बनाए रखता है। इसलिए आयुर्वेद में इसका पीलिया के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है।अध्ययन के अनुसार, गन्ने का रस लीवर को डैमेज होने से बचाने में सहायक है। रोजाना एक गिलास रस पीने से पीलिया से पीड़ितों को लाभ होता है।नोट* जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर उपयोग से पूर्व अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: पित की थैली में पथरी हेतु कुछ नुस्खे
Sun, Mar 10, 2024
पित्त की थैली की पथरी80% पित्त की थैली की पथरी कोलेस्ट्रॉल के जमने या सख्त होने के कारण होती है।पित्त की पथरी के कारण पेट में असहनीय दर्द होता है, कई बार उल्टी भी हो सकती है। खाना पचने में दिक्कत होने लगती है, पेट में अपच और भारीपन रहता है।पित्त की थैली में पथरी होने के बारे में यही कहा जाता है कि बिना ऑपरेशन के इसे निकालना मुश्किल है।ऐसे में यदि गॉल ब्लेडर स्टोन की हो तो जाहिर है ऑपरेशन का विचार बनाया ही होगा, लेकिन कुछ घरेलू उपाय अपनाकर देखें, संभव है कि पथरी गल जाए।ये उपाय न केवल पथरी को गला देंगे बल्कि पाचन को दुरूस्त करके दर्द को भी ठीक कर देंगे।⚫1. सेब का जूस और सेब का सिरका-सेब में पित्त की पथरी को गलाने का गुण होता है, लेकिन इसे जूस के रूप में सेब के सिरके के साथ लेने पर यह ज्यादा असरकारी होता है। सेब में मौजूद मैलिक एसिड पथरी को गलाने में मदद करता है तथा सेब का सिरका लिवर में कोलेस्ट्रॉल नहीं बनने देता, जो पथरी बनने के लिए जिम्मेदार होता है। यह घोल न केवल पथरी को गलाता है बल्कि दोबारा बनने से भी रोकता है और दर्द से भी राहत देता है।उपचार
एक गिलास सेब के जूस में, एक चम्मच सेब का सिरका मिलाएं। इसे रोजाना दिन भर में दो बार पीएं।⚫2. नाशपाती का जूसनाशपाती के आकार की पित्त की थैली को नाशपाती द्वारा ही साफ किया जाना संभव है। नाशपाती में मौजूद पैक्टिन कोलेस्ट्रॉल को बनने और जमने से रोकता है। यूं भी नाशपाती गुणों की खान है जिसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं।उपचार
एक गिलास गरम पानी में, एक गिलास नाशपाती का जूस और दो चम्मच शहद मिलाकर पीएं। दिन में तीन बार पियें।⚫3. चुकंदर, खीरा और गाजर का जूसजूस थेरेपी को पित्त की थैली के इलाज के लिए घरेलू उपचारों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है।चुकंदर न केवल शरीर का मजबूती देता है बल्कि गॉल ब्लेडर को साफ भी करता है साथ ही लिवर के कोलोन को भी साफ करता है।खीरा में मौजूद ज्यादा पानी की मात्रा लिवर और गॉल ब्लेडर दोनों को डिटॉक्सीफाई करती है। गाजर में भी विटामिन सी और उच्च पोषक तत्व होने के कारण यही गुण होते हैं।उपचार
एक चुकंदर, एक खीरा और चार गाजर को लेकर जूस तैयार करें। इसको प्रतिदिन दो बार पीना है। सामग्री की मात्रा बराबर हो।⚫4. पुदीनापुदीना को पाचन के लिए सबसे अच्छी घरेलू औषधि माना जाता है जो पित्त वाहिका तथा पाचन से संबंधित अन्य रसों को बढ़ाता है। पुदीना में तारपीन भी होता है जो कि पथरी को गलाने में सहायक है। पुदीने की पत्तियों से बनी चाय गॉल ब्लेडर स्टोन से राहत दे सकती है।उपचार
पानी को गरम करें, इसमें ताजी या सूखी पुदीने के पत्तियों को उबालें। हल्का गुनगुना रहने पर पानी को छानकर इसमें शहद मिलाएं और पी लें। दिन में दो बार पियें।⚫5. खान-पान और दिनचर्या में बदलावरोजाना 8 से 10 गिलास पानी जरूर पियें चाहे प्यास न भी लगी हो।वसायुक्त या तेज मसाले वाले खाने से बचेंप्रतिदिन कॉफी जरूर पीएं। दिन में एक से दो कप काफी हैं। कॉफी भी पित्त वाहिका को बढ़ाती है जिससे पित्त की थैली में पथरी नहीं होती।अपने खाने में विटामिन सी की मात्रा बढाएं। दिनभर में जितना ज्यादा संभव हो विटामिन सी से भरपूर चीजें खाएं।हल्दी, सौंठ, काली मिर्च और हींग को खाने में जरूर शामिल करें।सभी सुखी और निरोगी रहेनोट जानकारी में किसी प्रकार की संशय लगने पर उपयोग के पूर्व आप अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।
: फाल्गुन माह में सर्दी कफ निकल जानें दीजिए
Wed, Mar 6, 2024
*🌹स्वास्थ्य संतोष🌹**फाल्गुन मास की शुरुआत 25 फरवरी 2024, रविवार से हो चुकी है। इस माह का समापन 25 मार्च 2024 को होगा। ये साल का आखिरी महीना होता है, फाल्गुन के महीने को ऊर्जा और यौवन का महीना माना जाता है। कहा जाता है कि इस महीने में वातावरण खुशनुमा हो जाता है और हर जगह नई उमंग छा जाती है।**सर्दी के मौसम में बना कफ फाल्गुन के इस महीने में शरीर से बाहर निकलना चाहता है, इसलिए खांसी सर्दी को दबाने के लिए कोई दवा न खाएं। कफ को प्राकृतिक रूप में आराम से बाहर निकलने दीजिए। अगर ये कफ शरीर मे रह गया तो सफ़ेद दाग़, आँव, थायराइड, गैस और मोटापे जैसी व्याधियां पैदा करेगा।**🌺ध्यान रखें🌺*
*👉🏻इस माह में चना नहीं खाना चाहिए, घी और तेल का अधिक सेवन करना उत्तम रहेगा।**स्वस्थ बने रहने एवं शरीर के शुद्धिकरण के लिए सुबह खाली पेट गर्म पानी के साथ कलोंजी तेल प्रयोग करें।*
*इस समय बादाम तेल का सेवन (रात्रि को दूध में मिलाकर) बेहद लाभदायक होता है।**नोट जानकारी में अगर किसी को संशय लगे तो उपयोग से पूर्व अन्य स्रोतों से सत्यापन जरूर करें।