: बीएसएफ यानी देश की सीमाओं की रक्षा करना
Fri, Dec 1, 2023
आज बीएसएफ अपना 59वा स्थापना दिवस मना रहा हैं,
बीएसएफ का नाम लेते है तो सबसे पहले हमारे जहन में आता है, सीमा यानी देश की सीमाएं बीएसएफ वह है
जिसका पहला कर्तव्य है हर हाल में हर मौसम में और हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा करना, बीएसएफ को अपने जीवन का ध्येय ऐसे ही भारतीय युवा बनाते हैं जिसके जीवन का एकमात्र मकसद ही देश की सीमाओं की रक्षा उसके सिवाय और कुछ नहीं।
बीएसएफ के जवान का जीवन शुरू होता है भारत माता की जय घोष के साथ और कर्तव्य पथ पर अग्रसर होता है, बं
गाल सीमा में विपरीत परिस्थिति के बावजूद सोना तस्करी, घुसपैठ, पशु तस्करी, और मानव तस्करी पर नकेल कर दिया है सीमा सुरक्षा बल में लगभग 2.65 लाख जवान है, बीएसएफ में 193 नियमित बटालियन, 4 एनडीआरएफ बटालियन, सात तोपखाने की इकाइयां, आठ वाटर विंग और एक एयर विंग शामिल है
आज 1 दिसंबर 1965 को स्थापित बीएसएफ अपना 59 वा स्थापना दिवस मना रहा है
: रन फॉर यूनिटी, वर्णभेद तथा वर्गभेद के कट्टर विरोधी थे सरदार पटेल
Tue, Oct 31, 2023
आज 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जन्म तिथि पर पूरे भारतवर्ष में राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है ( रन फॉर यूनिटी ) , 15 अगस्त 1947 तक हैदराबाद, कश्मीर, जूनागढ़, को छोड़कर शेष भारतीय रियासतें भारत संघ में सम्मिलित हो चुकी थी। पटेल द्वारा यह
562 रियासतों का एकीकरण विश्व इतिहास का एक आश्चर्य था।
गांधी जी ने उन्हें इस कार्य पर सरदार और लोह पुरुष की उपाधि दी थी, सरदार पटेल देश के उप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, सूचना प्रसारण मंत्री रहे । पटेल ने भारतीय संघ में उन रियासतों का विलय किया जो स्वयं में संप्रभुता प्राप्त थी
सरदार वल्लभभाई पटेल ने 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश को भारत के साथ जोड़ा, और एक अखंड भारत का निर्माण किया।