: कब्ज किसी दवाई से नहीं जीवन शैली से सही होता हैं
Thu, Nov 16, 2023
एक छोटा सा छेद नाव को डूबो देता है।
वैसे ही कोई भी बीमारी की सुरुआत पहले सुई की नॉक के बराबर होती है,
समय पर ध्यान नही देने की वजह से वही बीमारी एक समय मौत का कारण भी बन जाती है।*कब्ज किसी दवाई से सही नही होता बल्कि जीवनशैली से सही होता है* कब्ज ही सभी बीमारियों का घर है अतः चूर्ण,इसबगोल, खाने की बजाय उचित जीवनशैली का पालन कीजिए और बीमारियों से मुक्ति पाकर 100 साल तक स्वस्थ जीवन जिए।*The Nature*
: ठंड के मौशम में गोंद हैं स्वास्थवर्धक
Wed, Nov 15, 2023
*ठंड के मौसम में गोंद है स्वास्थ्यवर्धक गुणों से परिपूर्ण*
1. गोंद गर्भवती स्त्री के लिए बहुत अच्छा होता है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूती प्रदान करता है।
2. गोंद के लड्डू स्तनपान करने वाली महिलाओं को पारंपरिक तौर पर दिए जाते हैं। यह दूध के उत्पादन में सहायता करता है तथा लड्डू में मिले अन्य तत्व पौष्टिकता प्रदान करते हैं।
3. सुबह-सुबह गोंद के एक-दो लड्डू दूध के साथ खाने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
4. गोंद का सेवन ह्रदय रोग के खतरे को कम करता है। साथ ही यह मांसपेशियों को मजबूत करता है।
5. कम वजन वाली महिलाओं को दूध के साथ गोंद का लड्डू खाना चाहिए। इससे वजन बढ़ेगा। वहीं अगर आपका वजन ज्यादा है तो दिन में एक लड्डू ही खाएं।
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: बीमा पॉलिसी लेते समय सच बताएं न छिपाएं राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग
Tue, Nov 14, 2023
लोग अक्सर अपने परिवार के अच्छे भविष्य के लिए महंगी से महंगी जीवन बीमा पॉलिसी लेते हैं, ताकि उनके ना रहने पर परिवार परेशान न हो।
लेकिन इसमें छोटी सी लापरवाही आपके सपने पर पानी फेर सकती है
। चेन्नई में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को नॉमिनी बनाते हुए 2 करोड़ की नौ जीवन बीमा पॉलिसी ली।
लेकिन, उसने स्मोकिंग का जिक्र बीमा पॉलिसी में नहीं किया।
पॉलिसी लेने वाले की जब असमय मौत हो गई तो कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया।
राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के जस्टिस अपशाही की पीठ ने कंपनी के फैसले को सही ठहराया। उन्होंने कहा की
पॉलिसी लेते समय बीमा कंपनी को हर छोटी बात का जिक्र करना जरूरी है ।
छिपाते हैं तो
वह पॉलिसी धारक और बीमा कंपनी के बीच हुए कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन माना जाएगा।
यह है मामला: दो बातें छिपाई थी
चेन्नई के के ललित जैन ने 20 अप्रैल से 20 जून 2009 के बीच दो करोड़ की 9 बीमा पॉलिसी ली। ललित ने मेडिकल रिपोर्ट में 15 साल पहले हुई सर्जरी का जिक्र किया,
लेकिन यह नहीं बताया कि वह सिगरेट पीते हैं और कभी-कभार शराब भी हो जाती है ।
पॉलिसी लेने के 5-6 महीने बाद ललित की हार्ट अटैक से मौत हो गई कंपनी ने जांच कराई तो पता चला कि वे सिगरेट शराब पीते थे।