: एल्यूमिनियम फायल में रोटी रखना सुरक्षित हैं या नुकसानदायक
Sun, Nov 19, 2023
*एल्युमीनियम फॉयल पेपर में लपेटकर रोटी रखना सुरक्षित है या नुकसानदायक?*
- इस फाइल में अम्लीय पादार्थों को नहीं पैक करना चाहिए, क्योंकि ये पदार्थ इसमें जल्दी ही खराब हो जाते हैं और साथ ही इनका केमिकल बैलेंस भी बिगड़ जाता है। अम्लीय पदार्थ यानी खट्टी चीजें।
- बासी खाना भी इसमें लपेटकर रखने से यह जल्दी खराब होकर हानिकारक हो जाता है।
- इसमें रखे खाने की गुण प्रकृति बदल जाती है जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकती है।
- गर्म खाना पैक कर लगातार खाने से लोगों को भूलने की बीमारी (अल्जाइमर) भी हो सकती है।
- कदम गर्म खाना पैक करने से एल्युमिनियम फॉयल में मौजूद केमिकल खाने में मिल जाते हैं।
- इसमें यदि 2 घंटे से अधिक देर तक खाना लपेटकर रखा है तो यह शरीर के लिए बहुत नुकसानदायक होता है।
- एलुमिनियम की मात्रा बढ़ने से इसाक दिमाग पर असर पड़ता है। जिससे दिमाग की कोशिकाओं की वृद्धि रुक सकती है।
- इसमें रखे भोजन में एल्युमिनियम मिक्स होने से शरीर में जिंक की जगह ले लेता है, जिसके कारण इंसुलिन अनबैलेंस हो सकता है, जो शुगर रोग का कारण बन सकता है।
- इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर भी असर पड़ता है यानी शरीर की बीमारियों और इंफेक्शन से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
- भोजन में एल्युमिनियम की बढ़ती मात्रा से किडनी की समस्या, पेट संबंधी रोग, नोजिया, एग्जिमा, ऑस्टियोपोरोसिस, डिमेंशिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है।
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: जामुन एक ऐसा वृक्ष जिसके अंग अंग में औषधि हैं
Sat, Nov 18, 2023
📩 *जामुन एक ऐसा वृक्ष जिसके अंग अंग में औषधि है।*🍇 🍇अगर जामुन की मोटी लकड़ी का टुकडा पानी की टंकी में रख दे तो टंकी में शैवाल, हरी काई नहीं जमेगी और पानी सड़ेगा भी नहीं।🍇जामुन की इस खुबी के कारण इसका इस्तेमाल नाव बनाने में बड़ा पैमाने पर होता है।🍇पहले के जमाने में गांवो में जब कुंए की खुदाई होती तो उसके तलहटी में जामून की लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता है जिसे जमोट कहते है।🍇दिल्ली की निजामुद्दीन बावड़ी का हाल ही में हुए जीर्णोद्धार से ज्ञात हुआ 700 सालों के बाद भी गाद या अन्य अवरोधों की वजह से यहाँ जल के स्तोत्र बंद नहीं हुए हैं।🍇भारतीय पुरातत्व विभाग के प्रमुख के.एन. श्रीवास्तव के अनुसार इस बावड़ी की अनोखी बात यह है कि आज भी यहाँ लकड़ी की वो तख्ती साबुत है जिसके ऊपर यह बावड़ी बनी थी। श्रीवास्तव जी के अनुसार उत्तर भारत के अधिकतर कुँओं व बावड़ियों की तली में जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल आधार के रूप में किया जाता था।🍇स्वास्थ्य की दृष्टि से विटामिन सी और आयरन से भरपूर जामुन शरीर में न केवल हीमोग्लोबिन की मात्रा को बढ़ाता। पेट दर्द, डायबिटीज, गठिया, पेचिस, पाचन संबंधी कई अन्य समस्याओं को ठीक करने में अत्यंत उपयोगी है।🍇एक रिसर्च के मुताबिक, जामुन के पत्तियों में एंटी डायबिटिक गुण पाए जाते हैं, जो रक्त शुगर को नियंत्रित करने करती है। ऐसे में जामुन की पत्तियों से तैयार चाय का सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को काफी लाभ मिलेगा।🍇सबसे पहले आप एक कप पानी लें। अब इस पानी को तपेली में डालकर अच्छे से उबाल लें। इसके बाद इसमें जामुन की कुछ पत्तियों को धो कर डाल दें। अगर आपके पास जामुन की पत्तियों का पाउडर है, तो आप इस पाउडर को 1 चम्मच पानी में डालकर उबाल सकते हैं। जब पानी अच्छे से उबल जाए, तो इसे कप में छान लें। अब इसमें आप शहद या फिर नींबू के रस की कुछ बूंदे मिक्स करके पी सकते हैं।🍇जामुन की पत्तियों में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं. इसका सेवन मसूड़ों से निकलने वाले खून को रोकने में और संक्रमण को फैलने से रोकता है। जामुन की पत्तियों को सुखाकर टूथ पाउडर के रूप में प्रयोग कर सकते हैं. इसमें एस्ट्रिंजेंट गुण होते हैं जो मुंह के छालों को ठीक करने में मदद करते हैं। मुंह के छालों में जामुन की छाल के काढ़ा का इस्तेमाल करने से फायदा मिलता है। जामुन में मौजूद आयरन खून को शुद्ध करने में मदद करता है।🍇जामुन की लकड़ी न केवल एक अच्छी दातुन है अपितु पानी चखने वाले (जलसूंघा) भी पानी सूंघने के लिए जामुन की लकड़ी का इस्तेमाल करते।*☘️एक कदम आयुर्वेद की ओर☘️*
🙏🏻 (किसी भी अस्पष्टता या संदेह के बढ़ने पर, उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वह नेचुरल इंस्टीट्यूट आफ नेचूरोपैथी या अन्य स्रोत के साथ सत्यापन जांच करें और उचित पेशेवर की सलाह ले।)
: चावल का पानी सेहत की इन 5 समस्याओं मे कारगर
Fri, Nov 17, 2023
*सेहत की इन 5 समस्याओं में कारगर उपाय है चावल का पानी*
1 चावल पक जाने के बाद आप जब उन्हें निकालते हैं, तो बचा हुआ पानी फेंकने के बजाए पीने के काम में लीजिए। यह आपके शरीर के लिए ऊर्जा का बेहतरीन स्त्रोत है, जो कार्बोहाइड्रेट से भरपूर है। सुबह के समय इस पानी को पीना एनर्जी बूस्ट करने का बढ़िया तरीका है
2 कब्ज से राहत - चावल का पानी फाइबर से भरपूर होता है और आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह आपके पाचन तंत्र को बेहतर कर पाचन क्रिया सुधारता है साथ ही अच्छे जीवाणुओं को सक्रिय करता है, जिससे आपको कब्ज की समस्या नहीं होती।
3 डायरिया - बच्चे हों या फिर बड़े, दोनों के लिए डायरिया जैसी समस्या के लिए चावल का पानी बेहद फायदेमंद है। समस्या की शुरुआत में ही चावल के पानी का सेवन करना आपको इसके गंभीर परिणामों से बचा सकता है।
4 बुखार - वायरल इंफेक्शन या बुखार होने पर अगर आप चावल के पानी का सेवन करते हैं, तो शरीर में पानी की कमी नहीं होगी, साथ ही आपके शरीर को आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते रहेंगे जो आपको जल्दी ठीक करने में मदद करेंगे।
5 डिहाइड्रेशन - शरीर में पानी की कमी होना डिहाइड्रेशन के रूप में सामने आता है। खास तौर से गर्मियों में यह समस्या अधि
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