उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है। : ✈️ 6 घंटे की देरी पर उपभोक्ता फोरम ने एयरलाइंस पर 50,000 का जुर्माना लगाया
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Aug 20, 2025
✈️ 6 घंटे की देरी पर उपभोक्ता फोरम ने एयरलाइंस पर 50,000 का जुर्माना लगाया
नई दिल्ली।
दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (Consumer Forum) ने यात्रियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एलायंस एयर एविएशन लिमिटेड पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है।
यह जुर्माना उस मामले में लगाया गया, जिसमें एयरलाइन की फ्लाइट लगभग 6 घंटे विलंबित हुई और यात्रियों को न तो समय पर सूचना दी गई और न ही वैकल्पिक सुविधा/सहायता उपलब्ध कराई गई।
आयोग का निर्णय
उपभोक्ता फोरम ने माना कि—
एयरलाइन ने सेवा प्रदाता के रूप में यात्रियों के साथ अनुचित व्यापार व्यवहार (Deficiency in Service) किया।
यात्रियों को असुविधा, मानसिक पीड़ा और समय की हानि उठानी पड़ी।
एयरलाइन यात्रियों को आवश्यक सुविधा (Refreshment, जानकारी, सहायता) देने में विफल रही।
इसी आधार पर फोरम ने एयरलाइन को निर्देश दिया कि वह यात्रियों को मुआवजा स्वरूप ₹50,000 का भुगतान करे।
यात्रियों के अधिकार (Consumer Rights in Flight Delay)
भारतीय विमानन नियामक DGCA (Directorate General of Civil Aviation) के नियमों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत यात्रियों को निम्न अधिकार प्राप्त हैं—
सूचना का अधिकार – फ्लाइट में देरी/रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को SMS/Email/अनाउंसमेंट द्वारा तुरंत सूचित करना अनिवार्य है।
मुफ़्त सुविधा का अधिकार – 2 घंटे से अधिक की देरी पर यात्रियों को भोजन, पानी और आवश्यक सुविधा एयरलाइन द्वारा देना अनिवार्य है।
रिफंड या वैकल्पिक फ्लाइट – 5 घंटे से अधिक देरी पर यात्री को टिकट रद्द कर पूरा रिफंड या वैकल्पिक फ्लाइट चुनने का अधिकार है।
मुआवजे का अधिकार – यदि एयरलाइन की गलती से यात्री को नुकसान या असुविधा होती है तो वह उपभोक्ता फोरम/कंज़्यूमर कमीशन में मुआवजे का दावा कर सकता है।
उपभोक्ता कैसे करें शिकायत?
✍️ यदि किसी यात्री को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़े तो—
पहले एयरलाइन के कस्टमर केयर/हेल्प डेस्क पर शिकायत दर्ज करें।
समाधान न मिलने पर DGCA की वेबसाइट (AirSewa App/Portal) पर शिकायत करें।
फिर भी राहत न मिलने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (Consumer Forum) में केस दाखिल किया जा सकता है।
सारांश
यह फैसला न केवल यात्रियों को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि एयरलाइंस को भी याद दिलाता है कि उपभोक्ता अधिकारों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है।
अब उपभोक्ताओं को चाहिए कि वे अपने अधिकारों को जानें और विधि सम्मत तरीके से उनका प्रयोग करें।
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