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सनातन संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की परंपरा प्राचीन काल : विश्व पर्यावरण दिवस पर महिला मंडल ने दिया स्वच्छता और वृक्षारोपण का संदेश

Ashwani Kumar Sinha

Fri, Jun 5, 2026

विश्व पर्यावरण दिवस पर महिला मंडल ने दिया स्वच्छता और वृक्षारोपण का संदेश

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) के अवसर पर शासकीय आवास, कोटरा सुल्तानाबाद, भोपाल के महिला मंडल द्वारा नर्मदा तट स्थित आवला घाट पर पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता जागरण का प्रेरक अभियान चलाया गया।

महिला मंडल की सदस्याएं स्नान-ध्यान के लिए आवला घाट पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने घाट पर तीर्थयात्रियों द्वारा छोड़े गए कपड़े, पन्नियां एवं अन्य कचरे को एकत्रित कर स्वच्छता अभियान चलाया तथा कचरे को निर्धारित कूड़ेदानों में डाला। साथ ही घाट क्षेत्र के दुकानदारों और स्थानीय लोगों को पर्यावरण संरक्षण तथा स्वच्छता बनाए रखने के लिए जागरूक किया।

महिलाओं ने बताया कि सनातन संस्कृति में प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की परंपरा प्राचीन काल से रही है। पीपल, बरगद, आंवला जैसे वृक्षों की पूजा, हरियाली अमावस्या जैसे पर्व तथा बेलपत्र सहित विभिन्न वनस्पतियों के प्रति श्रद्धा का भाव पर्यावरण संरक्षण का ही संदेश देता है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति को पूजनीय माना गया है।

अभियान के अंतर्गत महिला मंडल द्वारा अपने साथ लाए गए पौधों का वृक्षारोपण भी किया गया। विशेष बात यह रही कि घाट क्षेत्र के दुकानदारों ने स्वेच्छा से इन पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली।

इस अवसर पर समाजसेवी निशा उपाध्याय, शीला, जया, नीरा, रजनी एवं सरोज सहित महिला मंडल की सदस्याएं उपस्थित रहीं। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया।

महिला मंडल का यह प्रयास पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ समाज में स्वच्छता एवं प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देने वाला प्रेरणादायी उदाहरण बना।

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