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: घी पर किए दुष्प्रचार का परिणाम*

Admin

Wed, Aug 14, 2024
*घी पर किए दुष्प्रचार का परिणाम* स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग, घी न खाने में गर्व का अनुभव करने लगे कि क्योकि जब आप एक ही झूठ को बार बार टीवी पर दिखाओगे तो वो लोगो को सत्य लगने लगा। जबकि घी खाना हानि नही बहुत ही अत्यंत लाभदायक है। घी हजारों गुणों से भरपूर है, खासकर गाय का घी तो खुद में ही अमृत है। *घी हमारे शरीर में कोलेस्ट्रोल को बढाता नही बल्कि कम करता है।* घी एंटीवायरल है और शरीर में होने वाले किसी भी इन्फेक्शन को आने से रोकता है। घी मोटापे को बढाता नही बल्कि शरीर के ख़राब फैट को कम करता है, घी का नियमित सेवन ब्रेन टोनिक का काम करता है, विशेषकर बढ़ते बच्चों की फिजिकल और मेंटली ग्रोथ के लिए ये बहुत ही जरुरी है। *घी हमारे रोगों से लड़ने की क्षमता (Immunity) को बढाता है।* घी हमारे पाचन क्रिया को भी सुदृढ रखता है जो आजकल सबसे बड़ी समस्या है। जिस कारण आज हर दूसरा व्यक्ति कब्ज का रोगी है जो कई रोगों की जननी है। *घी को कितना और कैसे खाए?* शहर में कार्यरत एक सामान्य व्यक्ति के लिए प्रतिदिन आयु के अनुसार 2 से 4 छोटी चम्मच घी पर्याप्त है, घी नया खाना चाहिए अर्थात आज का बना आज ही खा लिया जाए तो सर्वोत्तम। अन्यथा बनने के 90 दिन के अंदर का उस घी का सेवन कर लेना उचित है। उसके बाद उसकी सुगंध बदलेगी और वह औषधि के उपयोग में आएगा। ये जो उठते और बैठते आपके शरीर की हड्डियों से चर मर की आवाज आती है इसकी वजह आपकी हड्डियों में लुब्रिकेंट की कमी है,अगर आप घी का नियमित सेवन करते है तो ये आपकी मांसपेशियों को मजबूत करता है और आपकी हड्डियों को पुष्ट करता है। घर पर मक्खन व घी बनाकर खाये। गर्भवती महिला के लिए प्रसव के पूर्व तो लाभदायक है परंतु प्रसव के बाद तो यह अमृततुल्य है। *स्वास्थ्य ग्रन्थों के अनुसार भाद्रपद माह के महीने के घी का सेवन जरूर करना चाहिए।* *इसे आप सब्ज़ी, दाल में अवश्य डाले।* घी और काली मिर्च का मेल विष को काटता है अतः खेतो में प्रयोग होने वाले विष का प्रभाव समाप्त करने के लिए सब्ज़ी में ऊपर से घी एवं कालीमिर्च का प्रयोग अवश्य करें। चाय के आदी लोग चाय छोड़ दे तो उचित है, यदि चाय नही छूटती तो उसमें एक चम्मच शुद्ध घृत डाल कर अवश्य पीजिए। *बच्चो के भोजन में इसका प्रयोग उदारता से करें।* यदि आपको शुद्ध देसी गाय का दूध उपलब्ध है तो छाछ, दही या मक्खन का सेवन करें। तब घी की मात्रा कम चाहिए। और यदि आपको गाय के दूध उपलब्ध नही है तो ग़लत दूध न मंगवाकर घी का सेवन अधिक करें। एकादशी पर धार्मिक दृष्टि से न सही शारीरिक दृष्टि से उपवास करें। उस दिन 50 से 100 ग्राम गुनगुना घी पीकर दिन भर गुनगुने या गर्म पानी का सेवन करें। जीवन मे कभी कैंसर और जोड़ो का दर्द नहीं होगा इसके अतिरिक्त अनगिनत लाभ होंगे। *रात में गाय के दूध में फेंटकर पीने से अद्भुत लाभ है।* घी को पका कर या बिना पकाए दोनों तरीके से खा सकते है। चाहे तो इसमें खाना पका लें या फिर बाद में खाने के ऊपर डालकर खा लें। दोनों ही तरीके से घी बहुत ही फायदेमंद है। आप सबसे अच्छा, सुंदर एवं युवा दिखना चाहते हैं तो घी अवश्य खाएं क्योंकि घी एंटीओक्सिडेंट जोकि आपकी त्वचा को हमेशा चमकदार और मुलायम रखता है।

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