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: आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसार

Admin

Fri, Jul 5, 2024
*आहार के नियम भारतीय 12 महीनों अनुसार* *🪷चैत्र ( मार्च-अप्रैल) –इस महीने में गुड का सेवन करे क्योकि गुड आपके रक्त संचार और रक्त को शुद्ध करता है एवं कई बीमारियों से भी बचाता है। चैत्र के महीने में नित्य नीम की 4 – 5 कोमल पतियों का उपयोग भी करना चाहिए इससे आप इस महीने के सभी दोषों से बच सकते है। नीम की पतियों को चबाने से शरीर में स्थित दोष शरीर से हटते है।* *🪷वैशाख (अप्रैल–मई)- वैशाख महीने में गर्मी की शुरुआत हो जाती है। बेल पत्र का इस्तेमाल इस महीने में अवश्य करना चाहिए जो आपको स्वस्थ रखेगा। वैशाख के महीने में तेल का उपयोग बिल्कुल न करे क्योकि इससे आपका शरीर अस्वस्थ हो सकता है।* *🪷ज्येष्ठ (मई-जून) भारत में इस महीने में सबसे अधिक गर्मी होती है। ज्येष्ठ के महीने में दोपहर में सोना स्वास्थ्य वर्द्धक होता है, ठंडी छाछ, लस्सी, ज्यूस और अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। बासी खाना, गरिष्ठ भोजन एवं गर्म चीजो का सेवन न करे। इनके प्रयोग से आपका शरीर रोग ग्रस्त हो सकता है।* *🪷आषाढ़ (जून-जुलाई) में आम, पुराने गेंहू, सत्तु, जौ, भात, खीर, ठन्डे पदार्थो, ककड़ी, परवल, करेला, बथुआ आदि का उपयोग करे, आषाढ़ के महीने में भी गर्म प्रकृति की चीजों का प्रयोग करना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।* *🪷श्रावण (जूलाई-अगस्त) के महीने में हरड़ का इस्तेमाल करना चाहिए। श्रावण में हरी सब्जियों का त्याग करे एवं दूध का इस्तेमाल भी कम करे, भोजन की मात्रा भी कम ले – पुराने चावल, पुराने गेंहू, खिचड़ी, दही एवं हलके सुपाच्य भोजन को अपनाएं, मूली का सेवन हानिकारक होता है।* *🪷भाद्रपद (अगस्त-सितम्बर) – इस महीने में हलके सुपाच्य भोजन का इस्तेमाल कर वर्षा का मौसम होने के कारण आपकी जठराग्नि भी मंद होती है इसलिए सायं काल भोजन न करे। इस महीने में दही का सेवन नहीं करना चाहिए।* *🪷आश्विन (सितम्बर-अक्टूबर)– इस महीने में दूध, घी, गुड़ , नारियल, मुन्नका, गोभी आदि का सेवन कर सकते है। ये गरिष्ठ भोजन है लेकिन फिर भी इस महीने में पच जाते है क्योकि इस महीने में हमारी जठराग्नि तेज होती है। करेला अत्यन्त हानिकारक होता है।* *🪷कार्तिक (अक्टूबर-नवम्बर) – कार्तिक महीने में गरम दूध, गुड, घी, शक्कर, मूली आदि का उपयोग करे। ठंडे पेय पदार्थो का प्रयोग छोड़ दे। छाछ, लस्सी, ठंडा दही, ठंडा फ्रूट ज्यूस आदि का सेवन न करे , इनसे आपके स्वास्थ्य को हानि हो सकती है।* *🪷अगहन (नवम्बर-दिसम्बर) इस महीने में ठंडी और अधिक गरम वस्तुओ का प्रयोग न करे।* *🪷पौष (दिसम्बर-जनवरी) इस मास में दूध, खोया एवं खोये से बने पदार्थ, गौंद के लाडू, गुड़, तिल, घी, आलू, आंवला आदि का प्रयोग करे, ये पदार्थ आपके शरीर को स्वास्थ्य देंगे। ठन्डे पदार्थ, पुराना अन्न, मोठ, कटु और रुक्ष भोजन का उपयोग न करे।* *🪷माघ (जनवरी-फ़रवरी) इस महीने में भी आप गरम और गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल कर सकते है। घी, नए अन्न, गौंद के लड्डू आदि का प्रयोग कर सकते है।* *🪷फाल्गुन (फरवरी-मार्च) महीने में गुड़ का उपयोग करे। सुबह के समय योग एवं स्नान का नियम बना ले। चने का उपयोग न करे।*

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