रीवा में संघ का 'कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम’ विशेष का भव्य शुभारंभ : कार्यकर्ता विकास वर्ग' स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व को मांजने, राष्ट्र के प्रति उनकी कार्य जो समाज में प्रेरणा दें
Ashwani Kumar Sinha
Thu, May 15, 2025
रीवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 'कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम विशेष' का भव्य शुभारंभ
रीवा, 13 मई – भारतीय सांस्कृतिक चेतना के नवोन्मेष हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का 'कार्यकर्ता विकास वर्ग प्रथम विशेष' का शुभारंभ सरस्वती शिशु मंदिर, निराला नगर, रीवा में एक भव्य उद्घाटन सत्र के साथ संपन्न हुआ। यह 20 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण वर्ग 12 मई की दोपहर से प्रारंभ होकर 01 जून तक चलेगा, जिसमें मालवा, मध्यभारत, महाकौशल तथा छत्तीसगढ़ प्रांतों से पधारे 268 समर्पित कार्यकर्ता भाग ले रहे हैं।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता सर्वाधिकारी श्रीमान सतीश जी खंडेलवाल ने की, जबकि वर्ग पालक श्रीमान नागेंद्र वशिष्ठ जी एवं मुख्य वक्ता श्रीमान प्रेमशंकर जी सिदार ने अपने विचार रखते हुए भारतीय संस्कृति के विराट स्वरूप पर अत्यंत ओजस्वी और प्रेरणादायी उद्बोधन दिया। इस अवसर पर क्षेत्र कार्यवाह श्रीमान अशोक अग्रवाल जी, क्षेत्र प्रचारक श्रीमान स्वप्निल कुलकर्णी जी, तथा प्रांत प्रचारक श्रीमान बृजकांत जी उपस्थित रहे।
संघ में 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' का उद्देश्य और व्यक्तित्व निर्माण में इसकी भूमिका
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का 'कार्यकर्ता विकास वर्ग' एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य स्वयंसेवकों के शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास के माध्यम से उनके व्यक्तित्व का समग्र निर्माण करना है। यह वर्ग संघ की तीन स्तरीय प्रशिक्षण प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें स्वयंसेवकों को संघ के विचार, संगठनात्मक कार्यपद्धति, अनुशासन और आचरण के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाती है।
प्रशिक्षण की प्रमुख विशेषताएँ:
शारीरिक प्रशिक्षण: दंड, योग, खेल, समता, व्यायाम आदि के माध्यम से अनुशासन, समन्वय और नेतृत्व गुणों का विकास।
बौद्धिक सत्र: संघ के इतिहास, उद्देश्य, संगठनात्मक संरचना, सामाजिक समस्याएं, भारत की सांस्कृतिक विशेषताएं, और देश की वर्तमान स्थिति पर आधारित सत्र।
आचारशुद्धि और दिनचर्या: प्रातः मंगलप्रार्थना से लेकर रात्रि वंदना तक अनुशासित दिनचर्या का पालन, जिससे आत्मानुशासन और समय प्रबंधन के गुण विकसित होते हैं।
समूह भावना और सहयोग: सभी स्वयंसेवक एक समान वस्त्र धारण करते हैं, एक जैसे भोजन करते हैं, और समूह में कार्य करते हैं, जिससे सेवा, विनम्रता और सहयोग की भावना जागृत होती है।
इन प्रशिक्षणों के माध्यम से स्वयंसेवकों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जागरूकता, सेवा भावना, और राष्ट्रभक्ति जैसे गुणों का विकास होता है, जो उन्हें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए प्रेरित करता है।
निष्कर्ष:
'कार्यकर्ता विकास वर्ग' न केवल एक प्रशिक्षण शिविर है, बल्कि यह स्वयंसेवकों के व्यक्तित्व को मांजने, राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रगाढ़ करने, और संगठनात्मक कार्यों में दक्षता प्राप्त करने का माध्यम
है। इस वर्ग के माध्यम से संघ ऐसे कार्यकर्ताओं का निर्माण करता है, जो समाज में उदाहरण बनकर दूसरों को प्रेरित कर सकें।
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