अधिकांश लोग यह मानते हैं कि MRP सरकार तय करती है, जबकि ऐसा नहीं है। : राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस क्यों मनाया जाता है?
Ashwani Kumar Sinha
Tue, Dec 23, 2025
24 दिसंबर : राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस क्यों मनाया जाता है?
भारत में 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन वर्ष 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act, 1986) को संसद द्वारा पारित किया गया था। यह अधिनियम उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा हेतु एक ऐतिहासिक कदम था। बाद में इसे और सशक्त बनाते हुए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू किया गया।
इसकी शुरुआत कैसे हुई?
उपभोक्ताओं के साथ बढ़ती ठगी, मिलावट, गलत तौल-माप, अधिक मूल्य वसूली और भ्रामक विज्ञापनों को रोकने के लिए सरकार ने एक सशक्त कानून की आवश्यकता महसूस की। इसी उद्देश्य से उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बना और 24 दिसंबर को उपभोक्ता अधिकारों के प्रतीक दिवस के रूप में मान्यता मिली।
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस का उद्देश्य क्या है?
इस दिवस का मुख्य उद्देश्य है—
• उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना
• शोषण, धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं से बचाव
• “जागो ग्राहक जागो” की भावना को मजबूत करना
• उपभोक्ता को सशक्त और सचेत बनाना
क्या उद्देश्य की पूर्ति हो रही है?
आंशिक रूप से हाँ, लेकिन पूरी तरह नहीं। आज भी बहुत से उपभोक्ता अपने अधिकारों, शिकायत प्रक्रिया और कानूनों से अनजान हैं। जागरूकता बढ़ी है, परंतु व्यवहारिक ज्ञान और साहस की अभी भी कमी है।
क्या लोग MRP को सही रूप में समझते हैं?
अधिकांश लोग यह मानते हैं कि MRP सरकार तय करती है, जबकि ऐसा नहीं है।
👉 MRP (Maximum Retail Price) का निर्धारण निर्माता/कंपनी स्वयं करती है।
👉 सरकार सीधे MRP तय नहीं करती, लेकिन
• MRP से अधिक कीमत लेना अवैध है
• MRP में सभी कर शामिल होने चाहिए
• उपभोक्ता को MRP देखने और उसी अनुसार भुगतान करने का अधिकार है
क्या सरकार की MRP निर्धारण में भूमिका होती है?
सरकार की भूमिका नियामक (Regulatory) होती है, न कि मूल्य निर्धारक की।
सरकार यह सुनिश्चित करती है कि—
• MRP स्पष्ट रूप से अंकित हो
• उपभोक्ता से अधिक मूल्य न वसूला जाए
• शिकायत पर कानूनी कार्रवाई हो
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की भूमिका
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत उपभोक्ता जागरूकता के लिए निरंतर कार्य कर रही है—
• उपभोक्ता अधिकारों पर कार्यशालाएँ व व्याख्यान
• कॉलेज, विद्यालय व समाज में जागरूकता अभियान
• MRP, बिल, गारंटी, वारंटी पर जानकारी
• उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया समझाना
• जागो ग्राहक अभियान के माध्यम से जन-जन तक संदेश
राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि उपभोक्ता चेतना का अभियान है। जब उपभोक्ता जागरूक होगा, तभी बाजार ईमानदार बनेगा। इसके लिए सरकार, संगठन और आम जनता—तीनों की सहभागिता आवश्यक है।
भारत में उपभोक्ता आयोग आम उपभोक्ताओं के शोषण, बढ़ती मिलावट, अधिक मूल्य वसूली, गलत तौल-माप और भ्रामक विज्ञापनों के विरुद्ध उठी सार्वजनिक मांग पर बनाया गया।
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