: BNS में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने और दोषियों को दंडित करने के लिए कठोर प्रावधान हैं।
Admin
Sat, Mar 8, 2025
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*🙏🏻महिला शक्ति को सादर प्रणाम🙏🏻*
🌹 *नारी नमन, नारी सम्मान*🌹
महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 🌹
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*BNS में महिलाओं के खिलाफ अपराधों को रोकने और दोषियों को दंडित करने के लिए कठोर प्रावधान हैं।*
भारतीय न्याय संहिता (BNS) में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए विभिन्न धाराएँ निर्धारित की गई हैं। ये अपराध महिलाओं की गरिमा, स्वतंत्रता और सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।
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*1. यौन अपराध*
1. यौन उत्पीड़न (BNS धारा 63)
यदि कोई व्यक्ति किसी महिला को अनुचित तरीके से छूता है, अश्लील हरकतें करता है या अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करता है, तो यह अपराध की श्रेणी में आएगा।
सजा: कारावास + जुर्माना
2. शारीरिक छेड़छाड़ (BNS धारा 64)
जब कोई व्यक्ति महिला की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संपर्क स्थापित करने का प्रयास करता है।
सजा: 3 साल तक की सजा + जुर्माना
3. स्टॉकिंग (BNS धारा 65)
यदि कोई व्यक्ति किसी महिला का बार-बार पीछा करता है, कॉल करता है, या उसे साइबर माध्यम से परेशान करता है, तो यह अपराध है।
सजा: पहली बार 3 साल, दोबारा अपराध करने पर 5 साल की सजा
4. बलात्कार (BNS धारा 69)
जब किसी पुरुष द्वारा महिला की सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाया जाता है।
सजा: 10 साल से लेकर आजीवन कारावास + जुर्माना
5. गैंगरेप (BNS धारा 70)
यदि दो या अधिक व्यक्ति मिलकर महिला का बलात्कार करते हैं।
सजा: न्यूनतम 20 साल की सजा या आजीवन कारावास
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*2. घरेलू हिंसा और दहेज अपराध*
1. घरेलू हिंसा (BNS धारा 86)
जब किसी महिला को उसके पति या ससुरालवालों द्वारा शारीरिक, मानसिक, यौन या आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
सजा: 3 साल तक की सजा + जुर्माना
2. दहेज उत्पीड़न (BNS धारा 87)
विवाह के बाद महिला को दहेज के लिए परेशान करना, मानसिक या शारीरिक यातना देना।
सजा: 5 साल तक की सजा + जुर्माना
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*3. महिलाओं के विरुद्ध अन्य अपराध*
1. महिला की स्वतंत्रता और गरिमा को ठेस पहुंचाना (BNS धारा 101)
किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के लिए उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें/वीडियो लेना या सार्वजनिक करना।
सजा: 3 साल तक की सजा
2. महिला का अपहरण (BNS धारा 102)
यदि किसी महिला को जबरन भगाया जाता है, बंधक बनाया जाता है, या गलत उद्देश्य से ले जाया जाता है।
सजा: 7 साल तक की सजा
3. डिजिटल अपराध (BNS धारा 104)
सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करना, मॉर्फ्ड तस्वीरें फैलाना या साइबर स्टॉकिंग करना।
सजा: 3 से 5 साल तक की सजा
4. वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करना (BNS धारा 105)
किसी महिला को देह व्यापार में धकेलना या मजबूर करना।
सजा: 10 साल तक की सजा
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4. महिलाओं के बचाव और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया
*(क) कहां शिकायत दर्ज कर सकते हैं?*
1. नजदीकी पुलिस स्टेशन – महिला हेल्प डेस्क या साइबर क्राइम सेल में शिकायत दी जा सकती है।
2. महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 – किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की शिकायत के लिए।
3. राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) वेबसाइट – ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
4. साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) – डिजिटल अपराधों की शिकायत के लिए।
5. फास्ट ट्रैक कोर्ट – महिलाओं से जुड़े मामलों की जल्दी सुनवाई के लिए।
*प्रत्येक महिला का अधिकार खुद भी जागरूक रहे ओर दूसरी महिलाओं को भी जागरूक करें।*
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