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यह निर्णय आईआईटी दिल्ली के दो छात्रों की आत्महत्याओं के बाद आया है, : छात्रों की आत्महत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट की टास्क फोर्स: एक महत्वपूर्ण कदम

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Mar 25, 2025

छात्रों की आत्महत्याओं पर सुप्रीम कोर्ट की टास्क फोर्स: एक महत्वपूर्ण कदम

नई दिल्ली, 25 मार्च 2025 – देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों की बढ़ती आत्महत्याओं के मामलों को गंभीरता से लेते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने एक राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस एस. रवींद्र भट करेंगे, और इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताओं का समाधान करना है।

टास्क फोर्स का गठन और उद्देश्य

जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने यह निर्णय लिया, जिसमें टास्क फोर्स को चार महीने के भीतर अंतरिम रिपोर्ट और आठ महीने के भीतर अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इस रिपोर्ट में छात्र आत्महत्याओं के पीछे के कारणों की पहचान, मौजूदा नीतियों की समीक्षा, और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए सिफारिशें शामिल होंगी।

टास्क फोर्स के सदस्य

टास्क फोर्स में नौ अन्य सदस्य शामिल होंगे, जिनमें मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षाविद, और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। इनमें डॉ. आलोक सरीन (सलाहकार मनोचिकित्सक), प्रो. मैरी ई. जॉन (पूर्व निदेशक, महिला विकास अध्ययन केंद्र), और अरमान अली (कार्यकारी निदेशक, नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एंप्लॉयमेंट फॉर डिसेबल पीपल) प्रमुख हैं।

टास्क फोर्स के कार्य

  • कारणों की पहचान: रैगिंग, जाति या लिंग आधारित भेदभाव, यौन उत्पीड़न, शैक्षणिक दबाव, वित्तीय तनाव आदि जैसे कारकों का विश्लेषण करना।

  • नीतियों की समीक्षा: मौजूदा छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य नीतियों का मूल्यांकन करना।

  • कानूनी सुधारों की सिफारिश: आवश्यकतानुसार कानूनी ढांचे में सुधार के लिए सुझाव देना।

  • औचक निरीक्षण: शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण करके छात्र सहायता तंत्र का आकलन करना।

  • राष्ट्रीय कार्य योजना विकसित करना: मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को उच्च शिक्षण संस्थानों में अनिवार्य रूप से शामिल करने के लिए एक कार्य योजना तैयार करना।

राज्यों और संस्थानों की भूमिका

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे अपने उच्च शिक्षा विभाग में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करें, जो टास्क फोर्स के साथ समन्वय स्थापित करेंगे। सभी संबंधित विभागों और विश्वविद्यालयों को टास्क फोर्स को आवश्यक डेटा, जानकारी और सहायता प्रदान करने के लिए कहा गया है।

पृष्ठभूमि

यह निर्णय आईआईटी दिल्ली के दो छात्रों की आत्महत्याओं के बाद आया है, जिनके माता-पिता ने संस्थागत उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इन मामलों में दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और जांच करने का आदेश दिया है।

यह टास्क फोर्स छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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