आम जनता के बीच यह संदेश भी जाएगा कि न्याय सबके लिए समान है : सुप्रीम कोर्ट का सख़्त निर्देशः जेलों में ‘फाइव-स्टार’ सुविधाएँ नहीं, दोषी पाए जाने पर अधीक्षक होंगे निलंबित
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Aug 27, 2025
सुप्रीम कोर्ट का सख़्त निर्देशः
जेलों में ‘फाइव-स्टार’ सुविधाएँ नहीं, दोषी पाए जाने पर अधीक्षक होंगे निलंबित
नई दिल्ली | 14 अगस्त 2025
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को अपने एक अहम आदेश में जेल प्रशासन को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि किसी भी आरोपी को जेल के भीतर विशेष या ‘फाइव-स्टार’ सुविधाएँ मुहैया कराना कानून और न्याय प्रणाली की भावना के खिलाफ है। न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि ऐसी स्थिति पाई जाती है, तो संबंधित जेल अधीक्षक समेत इसमें शामिल अन्य अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाएगा।
न्यायमूर्ति जे.बी. पारडीवाला और आर. महादेवन की खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि जेल में सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए और किसी भी आरोपी को विशेष लाभ पहुँचाना न्याय की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि “कोई भी व्यक्ति—चाहे कितना भी बड़ा या प्रभावशाली क्यों न हो—कानून से ऊपर नहीं है।”
इस निर्देश को विशेषज्ञ न्यायपालिका का ऐतिहासिक कदम मान रहे हैं, क्योंकि इससे न केवल जेलों में वीआईपी ट्रीटमेंट की प्रथा पर अंकुश लगेगा बल्कि आम जनता के बीच यह संदेश भी जाएगा कि न्याय सबके लिए समान है।
विज्ञापन