: भोपाल में आज अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत महानगर, के स्वयं सेवकों द्वारा विवेकानंद जयंती पर विशेष कार्यक्रम
Admin
Sun, Jan 12, 2025
संघ (आरएसएस) स्वामी विवेकानंद जयंती को इसलिए मनाता है क्योंकि स्वामी विवेकानंद का जीवन और उनके विचार आरएसएस के आदर्शों और मूल्यों के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। स्वामी विवेकानंद ने भारत के सांस्कृतिक गौरव, आध्यात्मिकता, और युवाओं के योगदान पर जोर दिया, जो आरएसएस के दृष्टिकोण में भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
कारणः
1. युवा शक्ति का प्रेरणा स्रोतः स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को जागरूक और सशक्त बनाने पर जोर दिया। आरएसएस मानता है कि उनका संदेश युवाओं को राष्ट्र निर्माण में प्रेरित करने में सहायक है। इसीलिए उनकी जयंती को "राष्ट्रीय युवा दिवस" के रूप में भी मनाया जाता है।
2. राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक गौरवः स्वामी विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति और धर्म को दुनिया में गौरवपूर्ण स्थान दिलाया। आरएसएस उनके राष्ट्रवाद और भारतीयता के विचारों को आदर्श मानता है और उसे आगे बढ़ाने का प्रयास करता है।
3. हिंदू धर्म और एकताः स्वामी विवेकानंद ने हिंदू धर्म को उसकी वैज्ञानिकता और व्यावहारिकता के आधार पर प्रस्तुत किया। आरएसएस उनके "हिंदुत्व" के विचार को समाज को जोड़ने और एकता स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
4. सेवा और समर्पण का आदर्शः विवेकानंद ने निःस्वार्थ सेवा, समाज के कमजोर वर्गों की मदद, और शिक्षा पर जोर दिया। आरएसएस इन मूल्यों को अपने सेवा कार्यों में लागू करता है और उनके जीवन से प्रेरणा लेता है।
5. आध्यात्मिकता और कर्मयोगः विवेकानंद का संदेश कर्मयोग और समाज के प्रति कर्तव्य भावना को बढ़ावा देता है। आरएसएस उनके इस दृष्टिकोण को अपने स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण और समाज सेवा में उपयोग करता है।
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