BREAKING NEWS

मातृभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही

राष्ट्र सेविका समिति, भोपाल विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग व प्रकट उत्सव

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा छत्तीसगढ़ ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

भोपाल: भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, एम.पी. नगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और डॉ. अंबेडकर” विषय पर विशेष व्याख्यान

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

: एक सकोर पंछी" अभियान से पक्षियों को नया आसमान दे रहे हैं सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन व्यास

Admin

Sun, Mar 16, 2025
"एक सकोर पंछी" अभियान से पक्षियों को नया आसमान दे रहे हैं सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन व्यास भोपाल। पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता के अभाव में तेजी से घटती पक्षी प्रजातियों को बचाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता मनमोहन व्यास ने "एक सकोर पंछी" अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत वह न केवल पक्षियों के लिए पानी और भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं, बल्कि लोगों को भी जागरूक कर रहे हैं कि वे अपने घरों और छतों पर परिंडे लगाएं। पक्षियों के लिए संजीवनी बना अभियान मनमोहन व्यास पिछले कई वर्षों से पर्यावरण और पशु-पक्षियों के संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने इस अभियान की शुरुआत गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी की कमी से होने वाली परेशानियों को देखते हुए की थी। धीरे-धीरे यह अभियान एक जनांदोलन बनता जा रहा है और इसमें शहर के कई लोग जुड़ चुके हैं। क्या है "एक सकोर पंछी" अभियान? इस अभियान के तहत लोगों को प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अपनी छतों, बालकनी, बगीचों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मिट्टी या स्टील के बर्तन में स्वच्छ पानी और अनाज रखें। साथ ही, वे आसपास के पेड़ों पर छोटे-छोटे घोंसले लगाने के लिए भी प्रेरित किए जाते हैं, ताकि पक्षियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। जनसहयोग से बढ़ रहा है कारवां मनमोहन व्यास का कहना है कि "हमारी छोटी-छोटी कोशिशें इन नन्हे पंछियों की ज़िंदगी बचा सकती हैं। अगर हर घर में एक पानी का सकोरा रख दिया जाए, तो सैकड़ों पक्षियों की जान बचाई जा सकती है।" उनके इस प्रयास को समाजसेवी संस्थाओं, स्कूलों और आम नागरिकों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। *आइए बुझाएं उनकी प्यास*, *जिनके चहकने से खुशियां हैं पास*,, *एक सकोर कीजिए दान*, *अपने इन्हीं मित्रों के नाम*।।

विज्ञापन

जरूरी खबरें