BREAKING NEWS

भोप29 सितंबर को शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय, जहांगीराबाद में एनसीसी इकाई के तत्वावधान में

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा प्राप्त शिकायतों तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच

56 भोग की शिकायत पर एक घंटे में पहुंची टीम प्रतिष्ठान से बेसन बर्फी, केक, पापड़ और क्रीम रोल के नमूने भी जांच के लिए

कोरबा, 28 सितंबर 2026। बलगी नगर स्थित शिव काली मंदिर में स्वर्गीय गिरवर सिंह बिसेन की पुण्य स्मृति एवं स्वर्गीय हनुमान

भोपाल। शासकीय गीतांजलि कन्या स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल में

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

बलिदान दिवस विशेष समाचार : 23 मार्च 1931 को निर्धारित समय से पहले ही गुप्त रूप से फांसी दी गई

Ashwani Kumar Sinha

Mon, Mar 23, 2026

बलिदान दिवस विशेष समाचार (23 मार्च)

आज देशभर में शहीद दिवस के रूप में उन महान क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी जा रही है, जिन्होंने भारत की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ब्रिटिश सरकार ने लाहौर जेल में फांसी दी थी।

तीनों शहीदों की मुख्य विशेषताएं

भगत सिंह

अद्भुत बुद्धिजीवी और क्रांतिकारी विचारक

“इंकलाब ज़िंदाबाद” का नारा दिया

लाहौर षड्यंत्र केस के प्रमुख नायक

युवाओं के लिए आज भी प्रेरणा स्रोत

राजगुरु

बेहतरीन निशानेबाज और साहसी क्रांतिकारी

ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स की हत्या में महत्वपूर्ण भूमिका

कम उम्र में ही देशभक्ति का अनोखा उदाहरण

सुखदेव

संगठन के मजबूत स्तंभ और रणनीतिकार

हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के सक्रिय सदस्य

क्रांतिकारी गतिविधियों को संगठित करने में अग्रणी भूमिका

ऐतिहासिक तथ्य (सॉलिड जानकारी)

तीनों क्रांतिकारी लाहौर षड्यंत्र केस में दोषी ठहराए गए

23 मार्च 1931 को निर्धारित समय से पहले ही गुप्त रूप से फांसी दी गई

उनके बलिदान ने पूरे देश में आज़ादी की चिंगारी को और प्रबल कर दिया

आज का महत्व

हर वर्ष 23 मार्च को “शहीद दिवस” के रूप में मनाया जाता है

देशभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, रैलियां और जागरूकता अभियान आयोजित

युवाओं को देशभक्ति और त्याग का संदेश दिया जाता है

भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव का बलिदान केवल इतिहास नहीं, बल्कि आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा है। उनका साहस, त्याग और देशप्रेम सदैव अमर रहेगा।

विज्ञापन

जरूरी खबरें