कर्ज वसूली प्रक्रिया को पारदर्शी, शालीन और कानूनी दायरे में लाना : आरबीआई का सख्त ड्राफ्ट: अब बैंक रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे धमकी या दुर्व्यवहार
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Feb 13, 2026
आरबीआई का सख्त ड्राफ्ट: अब बैंक रिकवरी एजेंट नहीं कर सकेंगे धमकी या दुर्व्यवहार
मुंबई | 13 फरवरी 2026
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने कर्ज वसूली प्रक्रिया में ग्राहकों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को रोकने के लिए सख्त ड्राफ्ट गाइडलाइंस जारी की हैं। इन प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य उधारकर्ताओं की गरिमा, निजता और अधिकारों की रक्षा करना है।
आरबीआई ने इस ड्राफ्ट पर आम जनता से 4 मार्च 2026 तक सुझाव मांगे हैं। अंतिम स्वीकृति के बाद ये नियम 1 जुलाई 2026 से लागू किए जाएंगे।
मुख्य प्रावधान
1️⃣ धमकी और प्रताड़ना पर पूर्ण प्रतिबंध
रिकवरी एजेंट ग्राहकों को फोन पर धमका नहीं सकेंगे।
शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न, गुमनाम नंबर से बार-बार कॉल, सार्वजनिक अपमान पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
एजेंट केवल कर्जदार या गारंटर से ही संपर्क कर सकेंगे।
रिश्तेदारों, पड़ोसियों या सहकर्मियों को परेशान करना गैर-कानूनी होगा।
2️⃣ तय समय में ही संपर्क
वसूली के लिए कॉल या मुलाकात का समय सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे तक निर्धारित किया गया है।
यदि ग्राहक किसी विशेष समय पर संपर्क से मना करता है, तो बैंक को उसका सम्मान करना होगा।
3️⃣ संवेदनशील अवसरों पर रोक
परिवार में मृत्यु, आपात स्थिति, शादी या त्योहार के समय एजेंट घर नहीं जा सकेंगे।
ऐसे अवसरों पर वसूली का प्रयास प्रतिबंधित रहेगा।
4️⃣ पारदर्शिता अनिवार्य
बैंकों को अपनी वेबसाइट और शाखाओं में अधिकृत रिकवरी एजेंटों की अद्यतन सूची प्रदर्शित करनी होगी।
एजेंट को पहचान पत्र और प्राधिकरण पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा।
अनुबंध समाप्त होने पर उसकी सार्वजनिक सूचना देना आवश्यक होगा।
5️⃣ बैंक की सीधी जिम्मेदारी
रिकवरी प्रक्रिया में किसी भी दुर्व्यवहार के लिए संबंधित बैंक सीधे जिम्मेदार होंगे।
शिकायत दर्ज होने की स्थिति में वसूली प्रक्रिया रोकनी होगी जब तक मामला सुलझ न जाए।
इन प्रस्तावित नियमों का उद्देश्य कर्ज वसूली प्रक्रिया को पारदर्शी, शालीन और कानूनी दायरे में लाना है, ताकि किसी भी ग्राहक की निजता या सम्मान का उल्लंघन न हो।
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