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समारोहों में सोने के आभूषणों के स्थान पर उतनी ही राशि नकद, बचत, शिक्षा : राष्ट्रहित में स्वर्ण त्याग” अभियान के अंतर्गत भोपाल स्वदेशी जागरण मंच का जन-जागरूकता प्रदर्शन

Ashwani Kumar Sinha

Mon, May 11, 2026

“राष्ट्रहित में स्वर्ण त्याग” अभियान के अंतर्गत स्वदेशी जागरण मंच का जन-जागरूकता प्रदर्शन

भोपाल। प्रधानमंत्री Narendra Modi के आत्मनिर्भर भारत आह्वान के समर्थन में स्वदेशी जागरण मंच द्वारा 11 मई की शाम 6 बजे DB City Mall स्थित आनंद ज्वेलर्स के समक्ष “राष्ट्रहित में स्वर्ण त्याग” जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच के भोपाल विभाग संयोजक शोभराज जी, जिला संयोजक शांतनु जी, प्रांत महिला संयोजक सीमा दीदी, अभिषेक तिवारी, अश्वनी सिन्हा, अजय सोनी, सुदीप करमाकर, अनिल अहिरवार, संतोष परमार, शेर सिंह परमार, अनुपम जी शर्मा, सुशांत कनुन्गो, महेन्द्र बेराडे, देवेन्द्र शर्मा सहित लगभग 20 कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कार्यकर्ताओं ने नागरिकों से अपील की कि अनावश्यक सोना खरीदने से बचें और स्वदेशी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहयोग करें। बताया गया कि भारत पिछले चार वर्षों से लगातार विश्व के सबसे बड़े स्वर्ण आयातक देशों में बना हुआ है। वर्ष 2022 में लगभग 46 अरब डॉलर, 2023 में 58 अरब डॉलर, 2024 में 63 अरब डॉलर तथा 2025-26 में लगभग 72 अरब डॉलर (करीब 6 लाख करोड़ रुपये) का सोना विदेशों से आयात किया गया।

कार्यकर्ताओं ने कहा कि भारत में विवाह और सामाजिक प्रतिष्ठा के कारण आम जनता की ओर से सोने की मांग लगातार बढ़ती है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव, व्यापार घाटा और रुपये की मजबूती प्रभावित होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इस वर्ष विवाह समारोहों में सोने के आभूषणों के स्थान पर उतनी ही राशि नकद, बचत, शिक्षा, गृह उपयोग या निवेश के रूप में दी जाए, तो परिवारों का सम्मान भी बना रहेगा और देश का धन देश में ही उपयोग हो सकेगा।

अभियान के माध्यम से नागरिकों से सादगी, स्वदेशी और बचत आधारित जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया गया।

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