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रंग-आधारित संकेतक (लाल, पीला और हरा) के माध्यम से शुगर के स्तर को : पैक्ड खाद्य पदार्थों पर शुगर की मात्रा स्पष्ट बताने की सिफारिश, संसद की समिति ने एफएसएसएआई से जल्द नियम लागू करने को कहा

Ashwani Kumar Sinha

Fri, Jul 24, 2026

पैक्ड खाद्य पदार्थों पर शुगर की मात्रा स्पष्ट बताने की सिफारिश, संसद की समिति ने एफएसएसएआई से जल्द नियम लागू करने को कहा

नई दिल्ली। संसद की एक स्थायी समिति ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से पैक्ड खाद्य पदार्थों पर पोषण संबंधी जानकारी को अधिक स्पष्ट और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने की सिफारिश की है। समिति ने कहा है कि उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय किसी उत्पाद में शुगर, नमक और वसा की मात्रा आसानी से समझ में आनी चाहिए, इसलिए फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग (Front-of-Pack Labelling) के नियमों को शीघ्र लागू किया जाए।

समिति ने सुझाव दिया है कि पैक्ड खाद्य पदार्थों पर रंग-आधारित संकेतक (लाल, पीला और हरा) के माध्यम से शुगर के स्तर को स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए। इसके अनुसार हरा रंग कम, पीला मध्यम और लाल रंग अधिक शुगर की जानकारी देगा, जिससे उपभोक्ता बिना तकनीकी जानकारी के भी उत्पाद का सही आकलन कर सकें।

इसके अलावा समिति ने यह भी सिफारिश की है कि अधिक शुगर वाले खाद्य उत्पादों पर चेतावनी (Warning Label) अनिवार्य रूप से अंकित की जाए, ताकि उपभोक्ता स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को ध्यान में रखकर बेहतर निर्णय ले सकें।

समिति का मानना है कि स्पष्ट और सरल लेबलिंग व्यवस्था से उपभोक्ताओं में जागरूकता बढ़ेगी, बच्चों और युवाओं में अत्यधिक शुगर के सेवन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी तथा मधुमेह, मोटापा और अन्य गैर-संचारी रोगों की रोकथाम की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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