BREAKING NEWS

मातृभाषा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य कर रही

राष्ट्र सेविका समिति, भोपाल विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग व प्रकट उत्सव

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा छत्तीसगढ़ ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

भोपाल: भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, एम.पी. नगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और डॉ. अंबेडकर” विषय पर विशेष व्याख्यान

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

: न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ चुनाव: एक ही दिन दाखिल हुई केविएट और पिटीशन, हाईकोर्ट में होगी सुनवाई

Admin

Mon, Feb 10, 2025
न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ चुनाव: एक ही दिन दाखिल हुई केविएट और पिटीशन, हाईकोर्ट में होगी सुनवाई भोपाल। न्यू मार्केट व्यापारी महासंघ के चुनाव को लेकर कानूनी दांव-पेंच तेज हो गए हैं। महासंघ के सचिव अजय अग्रवाल और पूर्व अध्यक्ष सतीश गंगराड़े दोनों ने 5 फरवरी को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अग्रवाल ने चुनाव निरस्त करने के कलेक्टर के आदेश को चुनौती देते हुए रिट पिटीशन (046941/2025) दायर की, जबकि गंगराड़े ने केविएट (328/2025) फाइल की। क्या है विवाद? 29 जनवरी को कलेक्टर ने महासंघ के निर्विरोध निर्वाचन को निरस्त कर दिया था। इसके खिलाफ महासंघ के सचिव अजय अग्रवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। वहीं, सतीश गंगराड़े ने केविएट लगाकर यह सुनिश्चित किया कि हाईकोर्ट में कोई भी निर्णय उनके पक्ष को सुने बिना न लिया जाए। अब दोनों मामलों की एक साथ सुनवाई होगी। कानूनी पेचीदगियां और सवाल हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता धीरज तिवारी के अनुसार, जब एक ही विषय पर पिटीशन और केविएट साथ दायर होती हैं, तो दोनों को लिंक कर दिया जाता है और एक साथ सुनवाई होती है। इस मामले ने कानूनी लड़ाई के साथ ही कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं— (क्या है, इस व्यापारी महासंघ में जो बड़े बड़े नेता, अधिकारी और अन्य सभी खर्च कर के इस पद पर स्वयं बनने या अपने प्रतिनिधि को इस महासंघ में पद पाने/दिलाने की जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं ? अवैध दुकान, दुकानों का लीज रिनिवल, गाड़ी पार्किंग स्थलों से एवं मुख्यतः अतिक्रमण इन सबसे बड़ी रूप से अवैध वसूली एवं बंटवारा जो खर्च करके सही लोगों को पद पर नहीं रहने देना चाहते, एक ही दिन में एक ही कार्यालय से तीन अलग अलग आदेश जारी करके कौनसे नियम का पालन किया जा रहा है? सरकारी डॉक निकलने से पहले इन्हीं लोगों द्वारा आदेश के अगले दिन आदेश की प्रति को बड़े समाचार पत्रों में छपवा दिया गया । कैसे अतिरिक्त कलेक्टर एवं कलेक्टर द्वारा स्थगित एवं निरस्त का आदेश जारी किया गया क्या ये उनके क्षेत्राधिकार में आता है?) कलेक्टर और रजिस्ट्रार भी बने पक्ष अजय अग्रवाल द्वारा दायर याचिका में मध्य प्रदेश सरकार, कलेक्टर, रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी, और असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी को भी पार्टी (रेस्पोंडेंट) बनाया गया है। इससे पहले कलेक्टर ने महासंघ के चुनाव के मुख्य अधिकारी सुदीप गुप्ता और असिस्टेंट रजिस्ट्रार को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। पहली बार इतनी गंभीर कानूनी लड़ाई इससे पहले भी महासंघ के चुनावों को लेकर विवाद हुए हैं, लेकिन करीब 12 साल बाद पहली बार मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा है और केविएट-पिटीशन एक साथ दाखिल की गई है। महासंघ के पूर्व सचिव अजय देवनानी ने कहा कि गंगराड़े द्वारा दायर केविएट के कारण अब हमारे पक्ष को भी हाईकोर्ट में सुना जाएगा। अब देखना होगा कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या निर्णय देती है और व्यापारी महासंघ चुनाव की दिशा क्या होगी।

विज्ञापन

जरूरी खबरें