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लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति की जाँच के बाद तय होगी। : मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, आदेश पर बढ़ा विवाद

Ashwani Kumar Sinha

Wed, Dec 10, 2025

मद्रास हाई कोर्ट के जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव, आदेश पर बढ़ा विवाद

चेन्नई: मद्रास हाई कोर्ट के जज जस्टिस जी.आर. स्वामीनाथन के खिलाफ विपक्षी दलों ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष को महाभियोग प्रस्ताव सौंप दिया। तमिलनाडु की सत्तारूढ़ DMK और इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने आरोप लगाया कि जज ने हाल ही में दिए एक आदेश और अपने पूर्व फैसलों में “पक्षपात, धार्मिक झुकाव और न्यायिक निष्पक्षता के उल्लंघन” का परिचय दिया है।

विवाद उस समय तेज हुआ जब जस्टिस स्वामीनाथन ने मदुरै के थिरुपरनकुन्द्रम पहाड़ी पर स्थित पारंपरिक ‘दीपथून’ स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने की अनुमति दी। यह स्थान मंदिर और पास स्थित दरगाह—दोनों के कारण संवेदनशील माना जाता है। विपक्ष का आरोप है कि यह आदेश “धार्मिक रूप से झुका हुआ” और क्षेत्र की साम्प्रदायिक संवेदनशीलता के विपरीत है।

महाभियोग प्रस्ताव में जस्टिस स्वामीनाथन पर कुछ वकीलों को “अत्यधिक पक्षपातपूर्ण लाभ” देने, राजनीतिक विचारधारा से प्रभावित फैसले देने और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के विपरीत निर्णय सुनाने के आरोप शामिल हैं। इससे पहले चेन्नई और मदुरै में कई वकील संगठनों ने भी उनके विरुद्ध प्रदर्शन किया था और इस्तीफे की मांग उठाई थी।

वहीं, न्यायिक वर्ग के एक हिस्से का मत है कि किसी न्यायिक आदेश से असहमति महाभियोग का आधार नहीं हो सकती और यह कदम न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर दबाव बनाने जैसा है।

अब महाभियोग नोटिस की अगली कार्रवाई लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा सभापति की जाँच के बाद तय होगी।


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