सबसे विकराल समस्या — पीने के पानी का अभाव : राजधानी भोपाल की रामेश्वरम कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव — दूषित पानी, जर्जर सड़कें, सीवेज से बेहाल रहवासी
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Jun 18, 2025
📰 राजधानी भोपाल की रामेश्वरम कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव — दूषित पानी, जर्जर सड़कें, सीवेज से बेहाल रहवासी
भोपाल, 18 जून 2025
राजधानी भोपाल की बागमुगालिया क्षेत्र स्थित रामेश्वरम एक्सटेंशन कॉलोनी में लगभग 120 परिवार आज भी दूषित लाल पानी, जर्जर सड़कें, सीवेज और जलनिकासी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनी के रहवासी वर्ष 2003-04 से यहां रह रहे हैं, परंतु आज तक उन्हें बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाईं।
कॉलोनी का निर्माण भोजपाल बिल्डर्स द्वारा किया गया था, जिन्होंने अधूरा विकास छोड़कर क्षेत्र को रहवासियों के भरोसे पर छोड़ दिया। न तो सड़कें बनाई गईं, न ही जल निकासी की व्यवस्था की गई। बच्चों के खेलने के लिए कोई मैदान या गार्डन तक नहीं है, और जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं।
🚱 सबसे विकराल समस्या — पीने के पानी का अभाव
रहवासियों को लाल, बदबूदार दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। कॉलोनी में अब तक नर्मदा जल योजना के तहत व्यक्तिगत कनेक्शन भी नहीं मिले हैं। नगर निगम से बार-बार निवेदन के बावजूद कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया।
नगर निगम अधिकारियों का तर्क है कि वर्ष 2022 से व्यक्तिगत जल कनेक्शन देना बंद कर दिया गया है — तो सवाल उठता है कि 2022 से पहले क्यों नहीं दिया गया? क्या भोपाल जैसे राजधानी क्षेत्र के नागरिक सिर्फ फॉर्मेलिटी बनकर रह गए हैं?
🚧 सड़कें या खतरे?
कॉलोनी की सड़कों की हालत बेहद खराब है। कई स्थानों पर सड़कें गायब हो चुकी हैं और गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे बुजुर्गों व बच्चों को चलने में जोखिम बना रहता है। रात के समय स्ट्रीट लाइट की कमी और लगातार हो रही चोरियों ने असुरक्षा को और बढ़ा दिया है।
📣 बार-बार प्रशासन से गुहार, लेकिन जवाब "शून्य"
रहवासियों ने विधायक, पार्षद, नगर निगम कमिश्नर सभी से संपर्क किया, लेकिन सिर्फ आश्वासन मिला — कार्य नहीं।
🧾 ग्राहक पंचायत ने उठाई आवाज
रामेश्वरम एक्सटेंशन रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी ने अब अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत, भोपाल महानगर से सहयोग मांगा है। पंचायत अध्यक्ष सुरेंद्र रघुवंशी और विधि आयाम प्रमुख अश्वनी कुमार सिन्हा ने इस गंभीर स्थिति को लेकर प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप और समुचित कार्यवाही की मांग की है।
यदि राजधानी के नागरिकों को ही पीने का पानी, सड़क और सीवेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं, तो छोटे नगरों की स्थिति का अंदाज़ा सहज लगाया जा सकता है।
🔍 अब देखना है कि प्रशासन कब जागता है — या फिर यह कॉलोनी वर्षों तक समस्याओं के दलदल में ही फंसी रहेगी?
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