BREAKING NEWS

राष्ट्र सेविका समिति, भोपाल विभाग द्वारा आयोजित सात दिवसीय प्रारंभिक प्रशिक्षण वर्ग व प्रकट उत्सव

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग कोरबा छत्तीसगढ़ ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश

भोपाल: भारतीय खाद्य निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, एम.पी. नगर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती पर

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और डॉ. अंबेडकर” विषय पर विशेष व्याख्यान

बाबा साहेब की 135वीं जयंती के अवसर पर RSS की तुलसी बस्ती स्थित भगत सिंह शाखा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

इतने ऊँचे और संवैधानिक पद के चुनाव में 15 वोटों का अमान्य होना संसद मे : भारत को मिला नया उपराष्ट्रपति: C.P. राधाकृष्णन विजयी

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Sep 9, 2025

📰 भारत को मिला नया उपराष्ट्रपति: C.P. राधाकृष्णन विजयी

नई दिल्ली, 9 सितंबर 2025।
आज हुए 15वें उपराष्ट्रपति चुनाव में एनडीए उम्मीदवार व महाराष्ट्र के राज्यपाल C.P. राधाकृष्णन ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) के प्रत्याशी पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों के अंतर से पराजित किया।

चुनावी आंकड़े:

  • कुल वोट डाले गए: 767

  • वैध वोट: 752

  • C.P. राधाकृष्णन: 452 वोट

  • B. सुदर्शन रेड्डी: 300 वोट

  • अमान्य वोट: 15

  • मतदान प्रतिशत: 98.21%

  • करीब 14 सांसदों ने मतदान से दूरी बनाई।

विश्लेषण

इतने ऊँचे और संवैधानिक पद के चुनाव में 15 वोटों का अमान्य होना संसद में जनप्रतिनिधियों की गंभीरता और लोकतांत्रिक अनुशासन पर प्रश्नचिह्न लगाता है। यह दर्शाता है कि जब देश सर्वोच्च पदों पर नेतृत्व चुन रहा हो, तब भी कुछ सांसद प्रक्रियागत सावधानी और जिम्मेदारी निभाने में असफल रहे।

महत्व

भारत के नए उपराष्ट्रपति बनने के साथ ही राधाकृष्णन अब राज्यसभा के सभापति की जिम्मेदारी भी संभालेंगे। उनकी जीत एनडीए के बहुमत और राजनीतिक रणनीति का परिणाम मानी जा रही है। वहीं, विपक्ष के लिए यह हार संघर्ष और संगठन क्षमता की परीक्षा साबित हुई।

👉 यह परिणाम केवल राजनीतिक समीकरण नहीं बल्कि संसद की कार्यप्रणाली और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही का आईना भी है।


विज्ञापन

जरूरी खबरें