उपभोक्ता की स्वेच्छा पर निर्भर होना चाहिए : हाईकोर्ट होटल और रेस्टोरेंट अपने ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं।
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Mar 29, 2025
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट अपने ग्राहकों से अनिवार्य रूप से सर्विस चार्ज नहीं वसूल सकते हैं। यह निर्णय केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के 2022 में जारी दिशानिर्देशों को चुनौती देने वाली रेस्तरां संघों की याचिकाओं को खारिज करते हुए दिया गया है।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि भोजन के बिल पर अनिवार्य सर्विस चार्ज लगाना उपभोक्ताओं के अधिकारों का उल्लंघन है और इसे अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाएगा। कोर्ट ने यह भी कहा कि सर्विस चार्ज का भुगतान पूरी तरह से उपभोक्ता की स्वेच्छा पर निर्भर होना चाहिए, और इसे बिल में स्वतः शामिल नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने CCPA के दिशानिर्देशों को वैध ठहराते हुए कहा कि यह प्राधिकरण केवल सलाहकार निकाय नहीं है, बल्कि उसे अनुचित व्यापार प्रथाओं की रोकथाम और उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी करने का अधिकार है। इस फैसले के साथ ही, रेस्तरां संघों पर उपभोक्ता कल्याण कोष में एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
इस निर्णय के बाद, उपभोक्ताओं को अब भोजन के बिल पर अनिवार्य सर्विस चार्ज का भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा, जिससे उन्हें अधिक पारदर्शिता और स्वतंत्रता मिलेगी।
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