देश तभी आगे बढ़ता है, जब उसका समाज आगे बढ़ता है। : भोपाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न, समाज जागरण और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प
Ashwani Kumar Sinha
Mon, Jan 12, 2026
भोपाल में भव्य हिंदू सम्मेलन संपन्न, समाज जागरण और राष्ट्रनिर्माण का संकल्प
भोपाल। ओल्ड कैंपियन खेल मैदान, अरेरा कॉलोनी स्थित समिधा बस्ती में भव्य हिंदू सम्मेलन उत्साह, राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक चेतना के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सम्मेलन में नाट्य मंचन, देशभक्ति गीतों एवं कवि सम्मेलन के माध्यम से हजारों नागरिकों ने राष्ट्रप्रेम और सांस्कृतिक गौरव का भावपूर्ण अनुभव किया। पूरा परिसर भारत माता के जयघोष और राष्ट्रवादी वातावरण से ओतप्रोत रहा।
कार्यक्रम में विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख श्री दीपक विस्पुते जी तथा प्रांत सह संघचालक डॉ. राजेश सेठी जी मंचासीन रहे।
संगठन नहीं, समाज परिवर्तन का विचार – दीपक विस्पुते जी
श्री दीपक विस्पुते जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोई भी देश तभी आगे बढ़ता है, जब उसका समाज आगे बढ़ता है। उन्होंने भारत की त्याग, तपस्या और बलिदान की परंपरा का स्मरण करते हुए गुरु तेग बहादुर जी के 350वें बलिदान वर्ष, भगवान बिरसा मुंडा के 150वें जयंती वर्ष तथा ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्षों का उल्लेख किया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई सामान्य संगठन नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन का महाआंदोलन है। संघ की यात्रा का मूल केंद्र शाखा है, जहाँ से संस्कार और राष्ट्रभाव का निर्माण होता है।
उन्होंने समाज निर्माण के पांच सूत्रों—हिंदू एकता, पारिवारिक संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, संविधान व नागरिक कर्तव्यों का पालन तथा स्वदेशी-स्वधर्म-स्वराज—को अपनाने का आह्वान किया।
हिंदू समाज का सतत जागरण आवश्यक – पंडित प्रदीप मिश्रा जी
पंडित प्रदीप मिश्रा जी ने अपने आशीर्वचन में कहा कि हिंदू समाज को सतत जागृत रहना होगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इतिहास स्वयं को दोहरा सकता है, यदि समाज सजग नहीं रहा।
उन्होंने मातृशक्ति की भूमिका को राष्ट्र और धर्म की रक्षा में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा कहा कि एक जागरूक नारी पूरे परिवार को संस्कारों से जोड़ सकती है।
उन्होंने उपस्थित जनसमूह से पंच परिवर्तन को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया।
आरती और प्रसादी के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन भारत माता की संगीतमय आरती एवं सामूहिक भोजन प्रसादी के साथ हुआ। यह हिंदू सम्मेलन समाज में एकता, जागरण और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को सुदृढ़ करता हुआ ऐतिहासिक रूप से संपन्न हुआ।
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