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जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता : दमोह में फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश: सात मरीजों की मौत के बाद गिरफ्तारी

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Apr 8, 2025

दमोह में फर्जी डॉक्टर का पर्दाफाश: सात मरीजों की मौत के बाद गिरफ्तारी

दमोह, मध्य प्रदेश | 8 अप्रैल 2025

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक फर्जी हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा की गई सर्जरी के बाद सात मरीजों की मौत हो गई। आरोपी, नरेंद्र विक्रमादित्य यादव, जो नरेंद्र जॉन केम के नाम से भी जाना जाता था, को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है।

घटना का विवरण

जनवरी और फरवरी 2025 के बीच, दमोह के मिशन अस्पताल में यादव ने खुद को ब्रिटेन से प्रशिक्षित कार्डियोलॉजिस्ट बताकर कम से कम 15 हृदय सर्जरी कीं। इन सर्जरी के परिणामस्वरूप, सात मरीजों की मौत हो गई।

गिरफ्तारी और आरोप

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) एम.के. जैन की शिकायत पर, यादव के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने उसे प्रयागराज से गिरफ्तार किया और अब उसे दमोह लाकर आगे की जांच की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही

यह मामला स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करता है। बिना उचित प्रमाणपत्रों के एक व्यक्ति ने कैसे इतने समय तक सर्जरी की, यह जांच का विषय है। कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है।

पूर्व में भी विवादित गतिविधियां

यादव का नाम पहले भी विवादों में रहा है। 2006 में, छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ला की सर्जरी के दौरान मृत्यु हुई थी, जिसमें यादव की भूमिका संदिग्ध मानी गई थी।

जागरूकता और सतर्कता की आवश्यकता

यह घटना हमें स्वास्थ्य सेवाओं में सतर्कता और जागरूकता की आवश्यकता का एहसास कराती है। मरीजों और उनके परिवारों को चाहिए कि वे डॉक्टरों की प्रमाणिकता की जांच करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट करें। स्वास्थ्य विभाग को भी चाहिए कि वह चिकित्सकों की प्रमाणिकता की नियमित जांच करे और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए।

सुझाव: यदि आप या आपका परिवार किसी चिकित्सा प्रक्रिया से गुजर रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि चिकित्सक की योग्यता और प्रमाणपत्र सत्यापित हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों को सूचना दें।

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