बजरंग दल ने चेताया – "हिंदू समाज आस्था की रक्षा करेगा : नवरात्रि पर्व पर मांस-अंडा विक्रय बंद करने की मांग, विश्व हिंदू परिषद ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Mar 29, 2025
नवरात्रि पर्व पर मांस-अंडा विक्रय बंद करने की मांग, विश्व हिंदू परिषद ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन
भोपाल: आगामी नवरात्रि, श्री रामनवमी, श्री महावीर जयंती और श्री हनुमान जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन पावन पर्वों के दौरान मंदिरों के आसपास मांस और अंडे की बिक्री पर रोक लगाई जाए। संगठन ने जिलाधीश को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि 30 मार्च से 12 अप्रैल तक मंदिरों के मार्गों से सभी मांस-अंडा विक्रय केंद्रों को हटाया जाए।
धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए की गई अपील
संगठन के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि और अन्य हिंदू पर्वों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पूजा-अर्चना करने आते हैं। ऐसे में, मंदिर मार्गों पर मांस और अंडे की खुली बिक्री से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी आदेशों के बावजूद कई स्थानों पर मांस और अंडे की बिक्री जारी है, जिससे श्रद्धालुओं में असंतोष है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रशासन से अनुरोध किया कि मंदिरों के पास स्थित मांस और अंडा विक्रय केंद्रों को तुरंत हटाया जाए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इस मुद्दे पर ध्यान नहीं देता है, तो हिंदू समाज स्वयं आगे आकर अपनी आस्था की रक्षा के लिए कदम उठाएगा।
बजरंग दल ने चेताया – "हिंदू समाज आस्था की रक्षा करेगा"
बजरंग दल के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन समय रहते इस पर ध्यान नहीं देता, तो हिंदू समाज स्वयं इस दिशा में कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और पर्वों के दौरान मंदिरों के पास किसी भी प्रकार की अपवित्र गतिविधि नहीं होनी चाहिए।
प्रशासन का रुख
जिला प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और मामले की जांच करने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों ने कहा कि वे जल्द ही इस विषय पर विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लेंगे ताकि किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
हिंदू संगठनों की एकजुटता
इस मांग को लेकर शहर के हिंदू संगठनों में एकजुटता देखी गई। बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस मांग को पूरी तरह लागू करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
क्या है आगे की रणनीति?
संगठन के सदस्यों ने संकेत दिया कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करने से पीछे नहीं हटेंगे। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया और उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही उचित कार्रवाई करेगा।
– भोपाल से रिपोर्ट
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