सशक्त उपभोक्ता वही है, जिसे समय पर, सरल और सुलभ न्याय मिले : राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष से ग्राहक पंचायत की सौजन्य भेंट — देशभर में उपभोक्ता न्यायालयों की स्थिति पर सार्थक स
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Jul 4, 2025
📰 राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष से ग्राहक पंचायत की सौजन्य भेंट — देशभर में उपभोक्ता न्यायालयों की स्थिति पर सार्थक संवाद
📍 स्थान: नई दिल्ली | 📅 तिथि: [तारीख डालें]
✍️ रिपोर्ट: विधि, उपभोक्ता अधिकार एवं न्यायिक संरचना पर आधारित विश्लेषणात्मक समाचार
⚖️ उपभोक्ता न्याय व्यवस्था की मजबूती हेतु ग्राहक पंचायत की पहल
नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के अध्यक्ष माननीय न्यायमूर्ति ए. पी. शाही जी से अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री माननीय श्री दिनकर सबनीस जी एवं राष्ट्रीय प्रचार-प्रसार प्रमुख श्री अशोक द्विवेदी जी ने सौजन्य भेंट कर देश की उपभोक्ता न्याय प्रणाली की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आवश्यक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की।
🧾 भेंट में उठे प्रमुख मुद्दे:
🇮🇳 देशभर में उपभोक्ता आयोगों की संरचनात्मक स्थिति
⚖️ लंबित प्रकरणों और रिक्त पदों का प्रभाव
💻 डिजिटल लेन-देन से जुड़े उपभोक्ता विवादों की बढ़ती संख्या
🏛️ ग्राहक पंचायत द्वारा संचालित जागरूकता, मध्यस्थता और सहयोग मॉडल
📍 मध्यप्रदेश राज्य का उपभोक्ता आयोग आंकलन:
विवरण | संख्या |
|---|---|
जिला उपभोक्ता आयोग (कुल) | 51 |
- पूर्णकालिक आयोग | 25 |
- अंशकालिक आयोग | 26 |
रिक्त आयोग (कार्यरत नहीं) | 05 |
सेवारत सेवानिवृत्त न्यायाधीश | 17 |
➡️ उपरोक्त स्थिति से स्पष्ट है कि आयोगों की उपलब्धता एवं न्यायिक पदों की पूर्ति अब भी अधूरी है, जिससे उपभोक्ता मामलों के शीघ्र निपटारे में बाधा आती है।
📚 विधिक आधार और उपभोक्ता अधिकार
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अनुसार:
प्रत्येक जिले में District Consumer Disputes Redressal Commission (DCDRC) की स्थापना अनिवार्य है।
आयोगों में न्यायिक सदस्य (सेवानिवृत्त या कार्यरत) एवं गैर-न्यायिक विशेषज्ञ की नियुक्ति आवश्यक है।
📌 रिक्त आयोग या सदस्यों की अनुपलब्धता उपभोक्ता के त्वरित और सुलभ न्याय अधिकार का उल्लंघन है।
📈 डिजिटल लेन-देन और भविष्य की चुनौती
श्री दिनकर सबनीस जी ने डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन शॉपिंग, ई-वॉलेट्स से जुड़ी शिकायतों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त की।
आने वाले वर्षों में ई-कॉमर्स से संबंधित उपभोक्ता विवादों में 40–50% तक वृद्धि की संभावना जताई गई।
🛡️ ग्राहक पंचायत की भूमिका पर प्रकाश
अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत उपभोक्ता जागरूकता, मध्यस्थता और संगठन निर्माण के माध्यम से संगठित उपभोक्ता सशक्तिकरण की दिशा में कार्यरत है।
न्यायमूर्ति शाही जी को पंचायत की कार्यपद्धति, राज्य स्तरीय प्रयासों एवं जनभागीदारी मॉडल से अवगत कराया गया।
📣 निष्कर्ष एवं अपील:
भेंट के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि –
उपभोक्ता आयोगों की संख्यात्मक उपलब्धता,
रिक्तियों की शीघ्र पूर्ति,
डिजिटल विवादों के लिए विशेषज्ञ न्यायिक ढांचा,
और सामाजिक संगठनों की भागीदारी — उपभोक्ता न्याय प्रणाली को प्रभावी बनाने में अत्यंत आवश्यक है।
🗣️ "सशक्त उपभोक्ता वही है, जिसे समय पर, सरल और सुलभ न्याय मिले।"
📌 यह संवाद न केवल एक बैठक थी, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की दिशा में भविष्य की मजबूत नींव रखने वाला एक कदम है।
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