: वीर बाल दिवस मनाने, अंतरंग, भारत भवन में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव
Admin
Thu, Dec 26, 2024
नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादर जी ने धर्म हेत साका' किया, उनके साहिबजादे गुरु गोबिंद सिंह जी ने धर्म की रक्षा के लिये कृपान उठाई। इसके आगे धर्म को अंत तक निभाने की उदाहरण उनके चार साहिबजादों ने अपनी जान की कुर्बानी देकर पेश की जो आने वाली पीढ़ियों के लिये सदैव एक रोशन-मीनार बनी रहेगी। जिस प्रकार गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों ने अपनी जानों की कुर्बानी दी, यह सफर-ए-शहादत अपने आप में बेमिसाल है और दुनिया के धर्मो के इतिहास में अद्वितीय है।
देश के महान कवि मैथिली शरण गुप्त अपने महा काव्य 'भारत भारती' में लिखते हैं:
जिस कुल जाति कौम के बच्चे , दे सकते यूं बलिदान । उस का वर्तमान कुछ भी हो , भविष्य है महा महान
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गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की अद्वितीय कुर्बानी की गाथा को बाल अबोध मनों में बसाने एवम् जानने के उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री द्वारा 26 दिसंबर को देश में वीर बाल दिवस घोषित किया गया है
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गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की अद्वितीय कुर्बानी की गाथा को बाल अबोध मनों में बसाने एवम् जानने के उद्देश्य से देश के प्रधानमंत्री द्वारा 26 दिसंबर को देश में वीर बाल दिवस घोषित किया गया है
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