: भोपाल के (RSS) स्वयंसेवकों द्वारा आज 10 जनवरी 2025 को भारत माता (डिपो) चौराहा पर प्रात 6:00 बजे भारत माता की आरती की गई, जिसमें लगभग 150 स्वयं सेवक सम्मिलित हुए
Admin
Fri, Jan 10, 2025
भोपाल के (RSS) स्वयंसेवकों द्वारा आज 10 जनवरी 2025 को भारत माता (डिपो) चौराहा पर प्रात 6:00 बजे भारत माता की आरती की गई, जिसमें लगभग 150 स्वयं सेवक सम्मिलित हुए
• भारतीय परंपरा में "माता" का स्थान सबसे ऊंचा माना जाता है। भारत को "माता" के रूप में संबोधित करना, मातृभूमि के प्रति प्रेम और सेवा की भावना को जाग्रत करता है।
. समर्पण और प्रेरणा का भाव
• आरती गाने या भारत माता की पूजा करने से स्वयंसेवकों में सेवा, त्याग और समर्पण का भाव जागता है।
• यह प्रेरणा देता है कि देश के लिए निस्वार्थ रूप से काम करें।
. भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता का सम्मान
• भारत माता को समग्र भारतवर्ष की प्रतीक माना जाता है, जिसमें हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक की विविधताएं समाहित हैं।
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• आरती गाने का अर्थ होता है, इस विविधता और समग्रता का सम्मान करना।
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• आरती गाने का अर्थ होता है, इस विविधता और समग्रता का सम्मान करना।
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