रक्त दो, आशा दो: साथ मिलकर हम जीवन बचाते हैं : विश्व रक्तदाता दिवस 2025: जीवनदायिनी बूंदों को समर्पित
Ashwani Kumar Sinha
Sat, Jun 14, 2025
🩸 विश्व रक्तदाता दिवस 2025: जीवनदायिनी बूंदों को समर्पित एक वैश्विक संदेश
भोपाल | 14 जून 2025
हर वर्ष 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस (World Blood Donor Day) मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य रक्तदान की आवश्यकता के बारे में जागरूकता फैलाना और स्वैच्छिक रक्तदाताओं को सम्मानित करना है। 2025 की थीम है:
"Give blood, give hope: together we save lives"
(रक्त दो, आशा दो: साथ मिलकर हम जीवन बचाते हैं)
📚 इतिहास और पृष्ठभूमि
यह दिवस 2004 में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), IFRC, IFBDO और ISBT जैसे संगठनों की पहल पर शुरू हुआ।
2005 में इसे WHO द्वारा हर साल मनाने का औपचारिक निर्णय लिया गया।
14 जून को ऑस्ट्रियाई वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टाइनर के जन्मदिन की स्मृति में चुना गया, जिन्होंने ABO रक्त समूह प्रणाली की खोज की थी।
🎯 उद्देश्य और ज़रूरत
स्वैच्छिक, सुरक्षित और पर्याप्त रक्त आपूर्ति सुनिश्चित करना।
जीवन रक्षक स्थितियों जैसे दुर्घटनाओं, प्रसव जटिलताओं, सर्जरी, कैंसर या रक्त विकारों में तुरंत रक्त उपलब्ध कराना।
रक्तदाताओं को नियमित रूप से रक्तदान के लिए प्रेरित करना।
🇮🇳 भारत की स्थिति
भारत को हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है, परंतु उपलब्धता केवल 90 लाख यूनिट तक सीमित है।
करीब 30 लाख यूनिट रक्त की कमी गर्मी व त्योहारों के समय और अधिक बढ़ जाती है।
देश में 50% से भी कम रक्तदान स्वैच्छिक हैं, बाकी या तो परिवारिक दबाव में या पेशेवर रक्तदाताओं से आते हैं।
इस असंतुलन के चलते भारत में अवैध "रेड मार्केट" भी सक्रिय है, जो गुणवत्ता और सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।
🛠️ राज्य स्तरीय पहल: महाराष्ट्र का उदाहरण
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने “No Shortage, No Wastage” नीति लागू करने का आह्वान किया है।
NAT (Nucleic Acid Testing) जैसी उन्नत जांच तकनीकें अनिवार्य की जा रही हैं।
राज्य सरकार रक्त बर्बादी रोकने और अधिक स्वैच्छिक रक्तदान सुनिश्चित करने की दिशा में सक्रिय है।
✅ रक्तदान के लाभ
🔹 समाज और मानवता के लिए:
एक यूनिट रक्त तीन लोगों की जान बचा सकती है।
यह जीवनदायिनी होता है — विशेषतः प्रसव पीड़ित महिलाओं, दुर्घटनाग्रस्त लोगों, कैंसर और थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए।
🔹 स्वयं रक्तदाता के लिए:
आयरन का संतुलन बनता है, जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है।
शरीर नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है, जो इम्यूनिटी और ऊर्जा को बढ़ाता है।
मानसिक संतुष्टि और “मैंने किसी का जीवन बचाया” का आत्मिक सुख।
🗣️ संदेश और अपील
इस वर्ष की थीम “Give blood, give hope” एक साझा संकल्प की माँग करती है कि हम एकजुट होकर रक्तदान करें, क्योंकि यह न केवल जीवन बचाता है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाता है।
रक्तदान —
न तो दर्दनाक है,
न ही नुकसानदायक,
बल्कि यह समाज की रगों में जीवन घोलने वाला अमूल्य उपहार है।
आइए, इस विश्व रक्तदाता दिवस पर संकल्प लें — "रक्तदान करें, जीवनदान दें।"
आपका रक्त, किसी की साँसें बन सकता है।
✍️ स्रोत व समर्थन:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)
नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन काउंसिल, भारत
TOI व NBT समाचार विश्लेषण
महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग, 2025 घोषणाएँ
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