थायराइड एक दीर्घकालिक समस्या, इसलिए धैर्य और नियमितता जरूरी : थायराइड: कारण, लक्षण और प्राकृतिक/आयुर्वेदिक उपचार
Ashwani Kumar Sinha
Sat, May 24, 2025
थायराइड: कारण, लक्षण और प्राकृतिक/आयुर्वेदिक उपचार
थायराइड क्या है?
थायराइड एक ग्रंथि (गले के सामने) होती है जो T3 और T4 हार्मोन बनाकर शरीर के मेटाबॉलिज्म (चयापचय) को नियंत्रित करती है। थायराइड की समस्या दो प्रकार की हो सकती है:
थायराइड के प्रकार, कारण और लक्षण:
1. हाइपोथायरायडिज्म (Hypothyroidism):
(थायराइड ग्रंथि कम सक्रिय होती है)
लक्षण:
थकान
वजन बढ़ना
बाल झड़ना
ठंड लगना
कब्ज
त्वचा सूखना
डिप्रेशन
कारण:
आयोडीन की कमी
हाशिमोटो डिजीज (Autoimmune)
हार्मोनल असंतुलन
दवाओं का असर
2. हाइपरथायरायडिज्म (Hyperthyroidism):
(थायराइड ग्रंथि अधिक सक्रिय होती है)
लक्षण:
तेजी से वजन घटना
घबराहट
अधिक पसीना
हाथ कांपना
दिल की धड़कन तेज
अनिद्रा
कारण:
ग्रेव्स डिजीज
थायराइड नोड्यूल
अत्यधिक आयोडीन सेवन
परीक्षण कैसे होता है?
रक्त जांच: TSH, T3, T4
अल्ट्रासाउंड
थायराइड स्कैन
प्राकृतिक चिकित्सा द्वारा उपचार (राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान, पुणे द्वारा अपनाई जाने वाली विधियाँ):
स्थान: बापू भवन, ताड़ीवाला रोड, पुणे – 411001
वेबसाइट: ninpune.ayush.gov.in
उपचार पद्धतियाँ:
आहार चिकित्सा:
आयोडीन युक्त आहार: समुद्री शैवाल, केला, दही
हाइपोथायरायडिज्म में: नारियल तेल, अखरोट, चिया सीड्स
हाइपरथायरायडिज्म में: ब्रोकोली, सोया, फूलगोभी
जल चिकित्सा (हाइड्रोथेरेपी):
गर्दन पर ठंडे पानी का सेक
पेट की सफाई (एनिमा)
कूल हिप बाथ
योग और प्राणायाम:
योगासन: सर्वांगासन, हलासन, मत्य्सासन
प्राणायाम: नाड़ी शोधन, भ्रामरी, उज्जायी
ध्यान और धूप चिकित्सा:
15–20 मिनट की धूप
ध्यान द्वारा तनाव नियंत्रण
मड थेरेपी व क्रोमोथेरेपी:
मड पैक से सूजन व विषैले तत्वों का निष्कासन
रंगों द्वारा मानसिक संतुलन
आयुर्वेदिक चिकित्सा द्वारा उपचार:
हाइपोथायरायडिज्म में उपयोगी औषधियाँ:
कांचनार गुग्गुल
अश्वगंधा
त्रिफला
समुद्रफेनी भस्म
हाइपरथायरायडिज्म में उपयोगी औषधियाँ:
ब्राह्मी
शंखपुष्पी
सारस्वतारिष्ट
प्रवाल पिष्टी
मुक्ता शुक्ति भस्म
पंचकर्म चिकित्सा:
वमन (उल्टी द्वारा शुद्धि)
विरेचन (पेट साफ करने की प्रक्रिया)
शिरोधारा (तनाव निवारण हेतु तेल धारा)
अभ्यंग व स्वेदन (तेल मालिश व भाप)
महत्वपूर्ण नोट:
किसी भी चिकित्सा को शुरू करने से पहले योग्य डॉक्टर या वैद्य की सलाह लें।
थायराइड एक दीर्घकालिक समस्या हो सकती है, इसलिए धैर्य और नियमितता जरूरी है।
तनाव, नींद की कमी, और गलत खानपान से बचें।
विज्ञापन