भविष्य में उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन रोकने हेतु कड़ी चेतावनी भी : भ्रामक विज्ञापन पर रैपिडो को ₹10 लाख का जुर्माना
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Aug 22, 2025
🚨 भ्रामक विज्ञापन पर रैपिडो को ₹10 लाख का जुर्माना
नई दिल्ली | उपभोक्ता संरक्षण से जुड़ी बड़ी कार्रवाई
सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) ने कैब और ऑटो सेवा प्रदाता रैपिडो पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है।
❌ विवादित ऑफर
रैपिडो ने ग्राहकों को लुभाने के लिए यह विज्ञापन दिया था:
👉 “ऑटो 5 मिनट में या पाएं ₹50”
लेकिन हकीकत में हजारों उपभोक्ताओं को तय समय पर ऑटो न मिलने के बावजूद ₹50 का मुआवजा नहीं दिया गया।
⚖️ CCPA का आदेश
भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisement) मानते हुए कंपनी पर ₹10 लाख पेनल्टी लगाई गई।
कंपनी को उन सभी ग्राहकों को ₹50 वापस करने का आदेश, जिन्हें वादे के अनुसार मुआवजा नहीं मिला।
भविष्य में उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन रोकने हेतु कड़ी चेतावनी भी जारी की गई।
📌 क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
यह आदेश उन सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए नजीर है, जो "आकर्षक ऑफर्स" देकर उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं।
उपभोक्ता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सीधे CCPA या जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
यह निर्णय डिजिटल इकॉनमी में पारदर्शिता और उपभोक्ता संरक्षण को और मज़बूत करेगा।
🔎 विशेषज्ञों की राय
उपभोक्ता अधिकार विशेषज्ञों का कहना है कि –
"यह केस दिखाता है कि कोई भी कंपनी, चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, झूठे या अधूरे वादों के जरिए ग्राहकों को गुमराह नहीं कर सकती।"
📢 निष्कर्ष:
रैपिडो पर हुई कार्रवाई हर उपभोक्ता के लिए सबक है कि यदि सेवा या उत्पाद में वादा पूरा नहीं होता तो शिकायत दर्ज कर न्याय पाया जा सकता है।
विज्ञापन