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33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती आज, मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की

Ashwani Kumar Sinha

Mon, Jul 6, 2026

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती आज, देशभर में श्रद्धांजलि एवं स्मरण कार्यक्रम आयोजित

नई दिल्ली, 6 जुलाई। प्रखर शिक्षाविद, राष्ट्रवादी चिंतक, उद्योग मंत्री एवं भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती आज पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जा रही है। भारत सरकार ने उनकी 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में दो वर्षीय राष्ट्रीय स्मृति समारोह का आयोजन किया है, जिसके अंतर्गत विभिन्न राज्यों में व्याख्यान, प्रदर्शनी और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

6 जुलाई 1901 को कोलकाता में जन्मे डॉ. मुखर्जी 33 वर्ष की आयु में कलकत्ता विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति बने। स्वतंत्र भारत के प्रथम केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन्होंने उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने सिद्धांतों के आधार पर मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की।

डॉ. मुखर्जी राष्ट्रीय एकता, अखंड भारत और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रबल समर्थक थे। वर्ष 1953 में जम्मू-कश्मीर से जुड़े आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी हुई और 23 जून 1953 को उनका निधन हो गया। उनका जीवन राष्ट्रसेवा, शिक्षा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता के प्रति समर्पण का प्रेरणास्रोत माना जाता है।

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