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हाथियों को बड़े क्षेत्र में भोजन और पानी के साथ सुरक्षित आवागमन की : विश्व हाथी दिवस : हाथी बचेंगे तो जंगल और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा

Ashwani Kumar Sinha

Wed, Aug 12, 2026

विश्व हाथी दिवस : हाथी बचेंगे तो जंगल और मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा

12 अगस्त को मनाया जाता है विश्व हाथी दिवस, संरक्षण के साथ हाथी गलियारों और मानव-हाथी संघर्ष को कम करना बड़ी चुनौती

भोपाल। हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास और पारंपरिक आवागमन मार्गों को सुरक्षित रखने तथा मानव-हाथी संघर्ष के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर वर्ष 12 अगस्त को विश्व हाथी दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 2012 में कनाडाई संरक्षणकर्मी पेट्रीशिया सिम्स और Elephant Reintroduction Foundation, Thailand के सहयोग से हुई थी।

भारत में हाथी संरक्षण के लिए 1991-92 में Project Elephant शुरू किया गया। इसका उद्देश्य हाथियों, उनके आवास और गलियारों की सुरक्षा, मानव-हाथी संघर्ष को कम करना तथा कैद में रखे हाथियों के कल्याण को बढ़ावा देना है।

जंगल बचाने के साथ गलियारे बचाना जरूरी

हाथियों को बड़े क्षेत्र में भोजन और पानी के साथ सुरक्षित आवागमन की आवश्यकता होती है। जंगलों के बीच सड़क, रेल लाइन, बिजली लाइन, खेती और अन्य मानवीय गतिविधियों के कारण उनके प्राकृतिक रास्ते प्रभावित होते हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष बढ़ता है। इसलिए केवल जंगल बचाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि हाथी कॉरिडोर को सुरक्षित और आपस में जुड़ा रखना भी जरूरी है।

भारत में अब 33 Elephant Reserves हैं और 15 राज्यों में 150 हाथी गलियारों की पहचान की जा चुकी है। रेल मार्गों पर हाथियों की मौत रोकने के लिए 2026 में 77 संवेदनशील रेल खंडों को प्राथमिकता देकर 705 mitigation structures की सिफारिश की गई है।

हाथियों की संख्या और वर्तमान स्थिति

भारत में अंतिम पारंपरिक अखिल भारतीय हाथी गणना 2017 में 29,964 हाथियों की हुई थी। हालांकि, अब देश में DNA आधारित समकालिक हाथी आकलन 2021-25 भी पूरा किया गया है, जिसमें 22,446 जंगली हाथियों का अनुमान सामने आया है।

विश्व हाथी दिवस का वास्तविक संदेश यही है कि हाथी को बचाने का अर्थ केवल हाथी की रक्षा करना नहीं, बल्कि उसके जंगल, पानी, भोजन और सदियों पुराने आवागमन मार्गों को बचाना है। संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी, सुरक्षित विकास, बेहतर रेल-मार्ग प्रबंधन और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के उपायों को साथ लेकर चलना होगा।

हाथी सुरक्षित रहेगा तो जंगल की जैव-विविधता सुरक्षित रहेगी और जंगल सुरक्षित रहेगा तो मानव जीवन और पर्यावरण का संतुलन भी मजबूत रहेगा।

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