निर्णय प्रक्रिया और विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में स्थान दिया जाए : 12 अगस्त को मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस, 1999 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दी थी मान्यता
Ashwani Kumar Sinha
Wed, Aug 12, 2026
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस : युवाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा भविष्य
12 अगस्त को मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस, 1999 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दी थी मान्यता
भोपाल। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, नवाचार और नेतृत्व क्षमता को समाज एवं राष्ट्र के विकास से जोड़ने तथा युवाओं के सामने मौजूद चुनौतियों की ओर विश्व का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस (International Youth Day) मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार यह दिवस युवाओं से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और कानूनी मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को आज के वैश्विक समाज में सक्रिय भागीदार के रूप में स्थापित करने का अवसर है।
1991 में उठा था अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का विचार
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की अवधारणा वर्ष 1991 में वियना, ऑस्ट्रिया में आयोजित संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के World Youth Forum में युवाओं द्वारा सामने रखी गई थी। इसके बाद 8 से 12 अगस्त 1998 तक लिस्बन, पुर्तगाल में आयोजित World Conference of Ministers Responsible for Youth में 12 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस घोषित करने की सिफारिश की गई।
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 17 दिसंबर 1999 को प्रस्ताव संख्या A/RES/54/120 के माध्यम से इस सिफारिश का समर्थन किया। इसके बाद 12 अगस्त 2000 को पहला अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया।
केवल उत्सव नहीं, युवाओं की समस्याओं पर ध्यान देने का अवसर
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस का उद्देश्य केवल युवाओं की उपलब्धियों का उत्सव मनाना नहीं है। इसका मूल उद्देश्य युवाओं से जुड़े शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, स्वास्थ्य, सामाजिक भागीदारी, समान अवसर, शांति और विकास जैसे विषयों को वैश्विक चर्चा के केंद्र में लाना है।
संयुक्त राष्ट्र की युवा नीति में युवाओं की भागीदारी, विकास और शांति को लंबे समय से महत्वपूर्ण विषय माना गया है। वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2250 ने भी युवाओं को शांति निर्माण और हिंसा की रोकथाम में सार्थक भागीदार बनाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
आज के दौर में युवाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण
आज दुनिया तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल तकनीक, बदलती रोजगार व्यवस्था, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक सामाजिक-आर्थिक बदलाव के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में युवा केवल भविष्य की शक्ति नहीं, बल्कि वर्तमान के परिवर्तनकारी साझेदार हैं।
युवाओं की रचनात्मकता और तकनीकी समझ का उपयोग रोजगार सृजन, स्टार्टअप, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक सेवा, डिजिटल शिक्षा और सतत विकास में किया जा सकता है। संयुक्त राष्ट्र भी सतत विकास लक्ष्यों को हासिल करने में युवाओं की सार्थक भागीदारी को महत्वपूर्ण मानता है।
2026 में विशेष महत्व
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस 2026 की थीम “Different Contexts, Common Aspirations” (अलग-अलग परिस्थितियां, समान आकांक्षाएं) है। संयुक्त राष्ट्र का इस वर्ष का संदेश इस बात पर केंद्रित है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं की परिस्थितियां भले अलग हों, लेकिन उनके बेहतर शिक्षा, सम्मानजनक रोजगार, अवसर, सुरक्षा, शांति और बेहतर भविष्य की आकांक्षाएं समान हैं।
युवाओं के सामने आज भी बड़ी चुनौतियां
युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में प्रभावी ढंग से लगाने के लिए केवल भाषण और समारोह पर्याप्त नहीं हैं। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं, मानसिक स्वास्थ्य सहयोग, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों के अवसर, नशे से बचाव, डिजिटल सुरक्षा तथा नीति-निर्माण में सार्थक भागीदारी उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
युवा तभी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति बन सकते हैं, जब उन्हें केवल योजनाओं के लाभार्थी के रूप में नहीं बल्कि निर्णय प्रक्रिया और विकास के सक्रिय भागीदार के रूप में स्थान दिया जाए।
युवा दिवस का वास्तविक संदेश
अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि युवाओं में निवेश केवल उनके व्यक्तिगत भविष्य में निवेश नहीं, बल्कि समाज, अर्थव्यवस्था, लोकतंत्र और राष्ट्र के भविष्य में निवेश है।
इसलिए 12 अगस्त को मनाया जाने वाला यह दिवस केवल युवाओं की उपलब्धियों का अभिनंदन करने का अवसर नहीं, बल्कि यह संकल्प लेने का दिन भी है कि हर युवा को शिक्षा, कौशल, अवसर, सम्मान और अपनी प्रतिभा को राष्ट्रहित में लगाने का मंच मिले।
युवा शक्ति को सही दिशा, सही अवसर और जिम्मेदारी मिले तो वही शक्ति देश के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बन सकती है।
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