भारत स्वतंत्र 15 अगस्त 1947 को हुआ था। : भारत सरकार ने 2021 में प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Aug 14, 2026
14 अगस्त: स्वतंत्रता की पूर्व संध्या और विभाजन की पीड़ा का स्मरण
नई दिल्ली। 14 अगस्त भारत के इतिहास में केवल स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या नहीं, बल्कि स्वतंत्रता प्राप्ति से ठीक पहले की उस ऐतिहासिक रात का प्रतीक है, जब भारत अपने लंबे संघर्ष के बाद सत्ता हस्तांतरण के निर्णायक क्षण में प्रवेश कर रहा था। 14 अगस्त 1947 की रात 11 बजे संविधान सभा की विशेष बैठक संविधान हॉल (वर्तमान संसद भवन का सेंट्रल हॉल) में शुरू हुई। बैठक की शुरुआत सुचेता कृपलानी द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के प्रथम पद के गायन से हुई। इसके बाद संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्वतंत्रता के लिए संघर्ष और बलिदान देने वाले ज्ञात-अज्ञात वीरों को श्रद्धांजलि दी।
इसी ऐतिहासिक बैठक के दौरान भारत स्वतंत्रता की दहलीज पर पहुंचा और 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को सत्ता का हस्तांतरण हुआ। जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपना प्रसिद्ध ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ (नियति से साक्षात्कार) भाषण दिया। इसके साथ ही ब्रिटिश शासन का अंत और स्वतंत्र भारत के नए युग का आरंभ हुआ।
हालांकि भारत का स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 है, लेकिन 14 अगस्त का महत्व आज एक और कारण से भी विशेष है। भारत सरकार ने 2021 में प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य 1947 के विभाजन में मारे गए लोगों, विस्थापित परिवारों और उनके संघर्ष व पीड़ा को याद करना तथा आने वाली पीढ़ियों को विभाजन की त्रासदी से परिचित कराना है। सरकार ने इसके साथ सामाजिक वैमनस्य और भेदभाव को समाप्त कर एकता, सामाजिक सद्भाव और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करने का संदेश भी जोड़ा है।
इसलिए 14 अगस्त भारतीय इतिहास में दो भावनाओं का दिन है—एक ओर स्वतंत्रता की पूर्व संध्या का गौरव, तो दूसरी ओर विभाजन की मानवीय त्रासदी की स्मृति। स्वतंत्रता के उत्सव के साथ उन लाखों लोगों को याद करना भी हमारी ऐतिहासिक जिम्मेदारी है, जिन्होंने विस्थापन, हिंसा और अपनों को खोने का दर्द झेला। इतिहास का यही संदेश आज भी प्रासंगिक है कि स्वतंत्रता की रक्षा के लिए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, शांति और मानवीय संवेदना को मजबूत रखना आवश्यक है।
14 अगस्त को भारत का स्वतंत्रता दिवस कहना सही नहीं होगा; भारत स्वतंत्र 15 अगस्त 1947 को हुआ था। 14 अगस्त 1947 की रात स्वतंत्रता की पूर्व संध्या थी और आज भारत में 14 अगस्त विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
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