BREAKING NEWS

भोप29 सितंबर को शासकीय कला एवं वाणिज्य (नवीन) महाविद्यालय, जहांगीराबाद में एनसीसी इकाई के तत्वावधान में

भोपाल। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, भोपाल द्वारा प्राप्त शिकायतों तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच

56 भोग की शिकायत पर एक घंटे में पहुंची टीम प्रतिष्ठान से बेसन बर्फी, केक, पापड़ और क्रीम रोल के नमूने भी जांच के लिए

कोरबा, 28 सितंबर 2026। बलगी नगर स्थित शिव काली मंदिर में स्वर्गीय गिरवर सिंह बिसेन की पुण्य स्मृति एवं स्वर्गीय हनुमान

भोपाल। शासकीय गीतांजलि कन्या स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, भोपाल में

Advertisment

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

सच्ची और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए स्वेच्छानुसार सहयोग की अपेक्षा है। फोन पे और गूगल पे फोन नंबर 9425539577 है।

रेलवे में बर्थ आवंटन पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होना चाहिए : टीटीई द्वारा बर्थ की अवैध बिक्री पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

Ashwani Kumar Sinha

Tue, Jul 14, 2026

टीटीई द्वारा बर्थ की अवैध बिक्री पर कलकत्ता हाईकोर्ट सख्त, सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

कोलकाता। कलकत्ता हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे में खाली बर्थ की अवैध बिक्री पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कड़ी टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि कुछ ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर (टीटीई) खाली बर्थ को "सब्जियों की तरह बेच रहे हैं", जो रेलवे व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा के लिए अत्यंत चिंताजनक है।

यह टिप्पणी वर्ष 2009 के एक मामले की सुनवाई के दौरान की गई। मामले में आरोप था कि एक यात्री को टीटीई को कथित रूप से रिश्वत देकर ट्रेन में बर्थ आवंटित की गई। यात्रा के दौरान उस यात्री को नशीला पदार्थ देकर लूट लिया गया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मृत्यु हो गई।

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने देश के सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधकों (General Managers) को निर्देश दिया कि बर्थ की अवैध बिक्री या इस प्रकार की अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले टीटीई के विरुद्ध उपलब्ध नियमों के अनुसार सबसे कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि रेलवे में बर्थ आवंटन पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप होना चाहिए। रिश्वत लेकर बर्थ उपलब्ध कराना न केवल भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा उत्पन्न करता है।

रेलवे अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे बर्थ आवंटन प्रणाली पर प्रभावी निगरानी रखें और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई करें, ताकि यात्रियों का विश्वास बना रहे और रेलवे यात्रा अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी हो सके।

विज्ञापन

जरूरी खबरें