संघ शताब्दी वर्ष के अंतिम चरण में आयोजित यह बैठक आगामी कार्य की दिशा : बेलगावी में संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक प्रारंभ, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष और आगामी कार्ययोजना पर होगा
Ashwani Kumar Sinha
Fri, Jul 10, 2026
बेलगावी में संघ की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक प्रारंभ, शाखा विस्तार, शताब्दी वर्ष और आगामी कार्ययोजना पर होगा व्यापक मंथन
बेलगावी (कर्नाटक), 10 जुलाई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक शुक्रवार को कर्नाटक के बेलगावी में प्रारंभ हुई। 10 से 12 जुलाई तक चलने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक में पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, माननीय सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय कार्य विभाग प्रमुख एवं सह प्रमुख, कार्यकारिणी सदस्य, सभी 11 क्षेत्रों के क्षेत्र प्रचारक एवं सह क्षेत्र प्रचारक, देश के सभी 46 प्रांतों के प्रांत प्रचारक एवं सह प्रांत प्रचारक तथा संघ प्रेरित विविध संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री सहभागी हैं।
बैठक में मार्च 2026 में हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के पश्चात देशभर में संपन्न हुए संघ शिक्षा वर्गों, कार्यकर्ता विकास वर्गों तथा अन्य प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही शाखा स्तर पर निर्धारित कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन, संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण, कार्य विस्तार और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंच बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा।
संघ के शताब्दी वर्ष (2025–26) के अंतर्गत देशभर में संचालित शाखा विस्तार अभियान की समीक्षा बैठक का प्रमुख विषय रहेगी। पिछले एक वर्ष में हुए शाखा विस्तार, नए क्षेत्रों में कार्य प्रारंभ करने के प्रयास, स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों के संपर्क अभियान का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही आगामी समय में अधिकतम शाखा विस्तार, नए कार्यकर्ताओं के निर्माण तथा समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में संगठन की प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी।
बैठक में शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा के साथ आगामी विजयादशमी (20 अक्टूबर 2026) तक प्रस्तावित शेष कार्यक्रमों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके अतिरिक्त पूजनीय सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026–27 के देशव्यापी प्रवास कार्यक्रम, विभिन्न प्रांतों में संगठनात्मक गतिविधियों तथा समाज जीवन से जुड़े समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर भी व्यापक मंथन होगा।
प्रचारक अपने-अपने क्षेत्रों के अनुभव साझा करेंगे तथा सेवा, ग्राम विकास, परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, युवा संपर्क, जनसंख्या एवं जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर भी विचार-विमर्श करेंगे, जिससे आने वाले समय में संगठन का कार्य अधिक प्रभावी, व्यापक और समाजोपयोगी बनाया जा सके।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यह वार्षिक बैठक
संगठन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें लिए गए निर्णयों और तैयार की गई कार्ययोजनाओं के आधार पर आगामी वर्ष के संगठनात्मक कार्यक्रम, शाखा विस्तार, प्रशिक्षण, सेवा कार्य तथा समाज जागरण अभियान संचालित किए जाते हैं। संघ शताब्दी वर्ष के अंतिम चरण में आयोजित यह बैठक आगामी कार्य की दिशा और गति निर्धारित करने की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है।
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