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विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभाव, सामाजिक विकास का संवर्धन : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 77वाँ स्थापना दिवस: राष्ट्र निर्माण में छात्रशक्ति का सशक्त अभियान

Ashwani Kumar Sinha

Thu, Jul 9, 2026

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 77वाँ स्थापना दिवस: राष्ट्र निर्माण में छात्रशक्ति का सशक्त अभियान

भोपाल, 9 जुलाई। देश के सबसे बड़े छात्र संगठनों में अग्रणी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) आज अपना 77वाँ स्थापना दिवस मना रही है। परिषद का औपचारिक पंजीकरण 9 जुलाई 1949 को हुआ था। स्थापना के बाद से परिषद ने छात्र हितों, शिक्षा सुधार, सामाजिक चेतना, राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र निर्माण के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।

परिषद का ध्येय वाक्य "ज्ञान, शील और एकता" है। संगठन का उद्देश्य केवल छात्रसंघ चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, राष्ट्रभाव, सामाजिक उत्तरदायित्व, चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का संवर्धन करना भी है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देशभर के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र समस्याओं के समाधान, कौशल विकास, शोध, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, आपदा राहत और सामाजिक सेवा जैसे विषयों पर निरंतर कार्य करती है। संगठन के विस्तार और वैचारिक विकास में प्रो. यशवंतराव केलकर का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

कैसे जुड़ सकते हैं छात्र-छात्राएँ?

परिषद से जुड़ने के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय (उच्च कक्षाएँ), महाविद्यालय, विश्वविद्यालय, आईटीआई, पॉलिटेक्निक या अन्य उच्च शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राएँ अपने क्षेत्र की एबीवीपी इकाई, नगर या महाविद्यालय इकाई से संपर्क कर सदस्य बन सकते हैं। परिषद समय-समय पर सदस्यता अभियान भी चलाती है, जिसमें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सदस्यता ग्रहण की जाती है। इच्छुक विद्यार्थी अपने कॉलेज की एबीवीपी इकाई, जिला कार्यालय अथवा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से भी संपर्क कर सकते हैं।

कब जुड़ सकते हैं?

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में जुड़ने के लिए कोई एक निश्चित दिन आवश्यक नहीं है। पात्र छात्र-छात्राएँ वर्षभर स्थानीय इकाई से संपर्क कर संगठन की गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। हालांकि, प्रत्येक वर्ष नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ (मुख्यतः जुलाई से सितंबर) के दौरान व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में नए विद्यार्थी परिषद से जुड़ते हैं।

स्थापना दिवस के अवसर पर देशभर में परिषद की विभिन्न इकाइयों द्वारा विचार गोष्ठियाँ, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर, छात्र संवाद, सेवा कार्य तथा राष्ट्र निर्माण विषयक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। परिषद का मानना है कि संगठित, संस्कारित और जागरूक छात्रशक्ति ही विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

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